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डायलिसिस और कोविड-19

कोरोना वायरस बीमारी यानी कोविड- 19 एक वायरस Sars-CoV-2 के ज़रिये फैलने वाली सांक्रमिक बीमारी है जो अभी पूरे दुनिया को अपने पंजे में लिया हुआ है।

यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को Droplets यानी खांसी, चीख के ज़रिए फैलता है। इस बीमारी का लक्षण तेज़ बुखार, सुखी खांसी, सांस लेने में तकलीफ़, कमज़ोरी, घ्राण शक्ति का नाश, स्वाद की कमी, गले में खराश, नाक बहना, मांस पेशी में दर्द, सर दर्द और दस्त लगना है।

इस बीमारी का दो सबसे प्रमुख लक्षण यह है की यह बीमारी का जो incubation period यानी वायरस हमारे शरीर में घुसने से रोग लक्षण आने तक का समय 14 दिन तक भी हो सकता है और दूसरी बात यह है की संक्रमित लोगों में 70-80% को कोई भी बीमारी का लक्षण नहीं हो सकता है लेक़िन वो दूसरों को बीमारी फैला सकता है।

यह बीमारी किसी को भी हो सकता है लेकिन इसकी तीव्रता उन लोगों में होती है जिनका उम्र 60 साल से ज्यादा हो, जिनको कोई और बीमारी भी साथ में हो जैसे Diabetes ( मधु मेह), दिल की बीमारी, गुर्दे की बीमारी (Kidney Failure)। इन्हीं लोगों में मृत्य की संख्या भी ज्यादा होती है।

जो गुर्दे का मरीज़ जिसका Dialysis भी चल रहा हो उसको और भी खतरे की संभव ज्यादा हो सकता है क्योंकि Hemodialysis केलिए उसको सप्ताह में तीन बार अस्पताल आना होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वो अपना Dialysis को छोड़ दें या बीमारी होने की डर से अपने Dialysis को ठीक तरीके से ना करें, क्योंकि Covid-19 का जो मृत्यु- दर है वो सिर्फ 2-3% है लेकिन Dialysis ना करने से कई गुण ज्यादा मृत्यु होने का संभव रहता है।

Covid-19 को रोकने का एक मात्र उपाय Social Distensing यानी एक दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखे। यह जिम्मेदारी सिर्फ हमारी होती है। हम जहां भी जिससे भी मिले कम से कम एक मीटर की दूरी रखना ज़रूरी है और यह भी अत्यावश्यक है की हम बेवजह दूसरों से मिलना जुलना कम करें।

एक और बहुत ज़रूरी है की हम अपने Dialysis Units को पहले से ही सूचित करें अगर हमें बुखार, खाँसी या और कोई भी लक्षण हो। इससे यह हो सकता है की हमारा डॉक्टर हमें मार्गदर्श दे सकता है की हमें क्या करना है।

Dialysis के वक्त सभी मरीज़ों को Mask पहनना अनिवार्य है। इससे हम भी सुरक्षित हो सकते हैं और दूसरों को भी सुरक्षित रख सकते हैं। हमें अपने हाथों को साबुन से कनिष्ट 20 सेकंड के लिए अच्छे तरीके से धोना है। ऐसे हमें दिन मैं कई बार करना है और Dialysis unit मैं भी इसका पालन करना है। अगर हमने किसी भी चीज़ को हाथ लगाते हैं तोह बिना हाथ धोये आँख, नाक ऑफ मुह को नहीं छूना है।

हम नेफ्रोलॉजी विभाग, पारस अस्पताल, गुरुग्राम में सभी Dialysis के मरीजों को रोग लक्षण एवं यात्रा या सफर का प्रश्न और Infrared thermometer द्वारा बुखार के जांच के बाद ही मरीजों को Dialysis unit के अंदर प्रवेश करने देते हैं। अगर किसी को कोई लक्षण मिले तो हम उनका dialysis को Isolation Unit में करेंगे ताकी अन्य मरीजों को संक्रमण से बचा पायें।

हमारे Dialysis unit में प्रत्येक Dialysis beds कनिष्ट एक मीटर की दूरी पर है। हमारे Dialysis के सभी नर्स एवं तकनीशियन को Covid-19 के मरीज़ों को संभालने का अभ्यास दिया हुआ है और वोह इस से अच्छे तरह से वाकिफ हैं।

हम अपने dialysis unit में संक्रमण को रोकने के लिए सारे सरकार द्वारा दिया गया सावधान और गति-विधियों का पालन कर रहे हैं जैसे की Dialysis unit के अलग अलग जगहों पर Covid-19 संबंधित जानकारी जैसे रोग लक्षण, उसके सावधानी, सरकारी सहायता इत्यादि का प्रदर्शन करना, हर एक नर्स और तकनीशियन साधारण तौर पर Mask, Gloves, Disposable gowns and Hair Cap का उपयोग करना, हर एक Dialysis bed पर Alcohol युक्त Sanitizer का उपलब्ध होना, नर्स एवं तकनीशियन हर एक मरीज़ को छूने से पहले अपने अपने हाथ को अच्छी तरह साफ करना, सारे Dialysis unit को हर एक shift के बाद अच्छे तरह Hypochlorite से साफ करना, नर्स और तकनीशियन अगर कोई भी Covid-19 संदिग्ध मरीज़ को देखबाल कर रहा हो तो PPE (Personal Protective Equipment) का ज़रूर इस्तेमाल करना इत्यादि।

Covid-19 को हराने के लिए सिर्फ डॉक्टर्स और नरसों का ही ज़िम्मेदारी नहीं लेकिन हर एक व्यक्ति और खास तौर पर जिसे नियमित रूप से अस्पताल आने का ज़रूरत हो जैसे Dialysis के मरीज उसका भी ज़िम्मेदारी है। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि हमें अस्पतालों को Hotspot बनने से रोकना है।

आइए हम सब मिलकर इस Covid-19 महामारी को हराएं और भारत को जिताएं।