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3 डी सीआरटी रेडिएशन थेरेपी

पारस एच एम् आर आई हॉस्पिटल पटना प्रस्तुत करता है रेडिएशन थेरेपी अब सरकारी दरों पर I

Rs 50000/- में अब प्राप्त करें अत्याधुनिक रेडिएशन थेरेपी, अपने कैंसर उपचार के लिए I रेडिएशन थेरेपी टाइप डॉक्टर, कैंसर पर निर्धारित होगा I

विकिरण उपचार या रेडिएशन थेरेपी कैंसर का उपचार है। कैंसर की कोशिकाओं को मारने के लिए और उन्हें फैलने से रोकने के लिए यह विकिरण की उच्च मात्रा का प्रयोग करता है। इस थैरेपी की मदद से शरीर में कैंसर के सेल्स व ट्यूमर को खत्म किया जाता है। कैंसर रोग के उपचार में रेडिएशन थैरेपी का महत्वपूर्ण योगदान होता है।लगभग आधे कैंसर के मरीजों को यह प्राप्त होता है। विकिरण विशेष मशीनों से बाहरी हो सकता है, या रेडियोएक्टिव पदार्थों से आंतरिक हो सकता है जिसे चिकित्सक आपके शरीर में रखते हैं। आपको प्राप्त होने वाली रेडिएशन थेरेपी कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें शामिल हैं

  • कैंसर का प्रकार
  • कैंसर का आकार
  • शरीर में कैंसर की स्थिति
  • सामान्य ऊतकों से कैंसर कितना पास है जो विकिरण के प्रति संवेदनशील हैं
  • आपके शरीर में विकिरण को कितना दूर जाने की जरुरत होती है
  • आपका सामान्य स्वास्थ्य और चिकित्सा इतिहास
  • आप कैंसर के अन्य उपचार लेंगे या नहीं
  • अन्य कारक, जैसे आपकी आयु और अन्य चिकित्सीय स्थितियां

कैंसर सबसे भयानक रोगों में से एक है और इसके उन्नत उपचार माध्यमों में रेडिएशन थैरेपी का बहुत अहम योगदान है। रेडिएशन थैरेपी बाह्य रूप से एक्‍स रे बीम्स के रूप में, गामा किरणों या सब एटॉमिक पार्टिकल्‍स के रूप में दी जाती है। बाह्य रूप से रेडिएशन देने की प्रक्रिया में 5 से 15 मिनट लगते हैं और इसमें दर्द नहीं होता।

आधुनिक रेडियोथेरेपी कैंसर के उपचार की एक विधि है जिसमें विकिरण (रेडिएशन) द्वारा चिकित्सा की जाती है। यह विधि एक्सरे कराने जैसी ही है। रेडियोथेरेपी में रेडियो किरणें कैंसर की कोशिकाओं से सपर्क स्थापित करती हैं। इससे कैंसर कोशिकाएं स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, क्योंकि उनमें स्वस्थ कोशिकाओं की तरह रेडिएशन सहन करने की क्षमता नहीं होती। यदि रेडियोथेरेपी की कुल मात्रा को आधुनिक तकनीक से दिया जाए, तो सामान्य कोशिकाओं में रेडिएशन का असर कम से कम और कैंसरग्रस्त कोशिकाओं मे ज्यादा से ज्यादा होता है। इसलिए यह उपचार कई हफ्तों तक दिया जाता है। इस थेरेपी में लगने वाला समय प्रतिदिन दो मिनट से बीस मिनट तक होता है।

  • रेडिएशन थेरेपी कैंसर की कोशिकाओं के साथ-साथ सामान्य कोशिकाओं को भी नष्ट कर सकती है।
  • दुष्प्रभावों को कम करने के लिए उपचार को सावधानीपूर्वक नियोजित करना चाहिए।
  • सामान्य दुष्प्रभावों में त्वचा परिवर्तन और थकान शामिल हैं।
  • अन्य दुष्प्रभाव आपके शरीर के उपचार होने वाले हिस्से पर निर्भर करते हैं।
  • कभी-कभी अन्य उपचारों के साथ विकिरण का प्रयोग किया जा सकता है जैसे सर्जरी या कीमोथेरेपी।

आधुनिक रेडियोथेरेपी की विभिन्न विधिया हैं, जिनका इस्तेमाल कैंसरग्रस्त व्यक्ति की अवस्था के अनुसार किया जाता है I

3 डी सी आर टी – (3DCRT) – 3D Conformal Radiation Therapy

3 डी सी आर टी – कन्फोर्मेशनल रेडिएशन थेरेपी – अनुरूपता विकिरण चिकित्सा एक कैंसर उपचार है जो ट्यूमर के आकार से मेल खाने के लिए विकिरण बीम को आकार देता है। इस प्रकार की रेडिएशन में ट्यूमर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए लक्ष्यीकरण जानकारी का उपयोग किया जाता है ताकि आस पास की स्वस्थ त्वचा पर कोई गलत असर न पड़े I

आई जी आर टी (IGRT) – Image-Guided Radiation Therapy

इमेज गाइडेड रेडियोथेरेपी में सबसे पहले रोगी के कैंसरग्रस्त भाग का त्रिआयामी चित्र लिया जाता है। फिर उस भाग पर केवल उन्हीं कोशिकाओं पर रेडिएशन केंद्रित किया जाता है जो कैंसरग्रस्त होती हैं। इस प्रक्रिया में स्वस्थ कोशिकाओं को कोई नुकसान नहीं होता।

आई एम आर टी (IMRT) – Intensity-Modulated Radiation Therapy

इस विधि को इंटेन्सिटी मॉड्यूलेटेड रेडियोथेरेपी कहा जाता है। इस विधि में कैंसर की गभीरता को समझते हुए यह सुनिश्चित किया जाता है कि रोगी को किस तीव्रता के रेडिएशन की जरूरत है। इसके बाद ही कैंसरग्रस्त भाग पर रेडिएशन फोकस किया जाता है।

एस बी आर टी (SBRT) – Stereotactic Body Radiotherapy

इस तकनीक को स्पीरियो टैक्टिक रेडियोथेरेपी कहा जाता है। इस विधि में ट्यूमर को लक्षित करके सटीक रेडिएशन दिया जाता है । इसके परिणामस्वरूप ट्यूमर नष्ट हो जाता है। यह विधि ब्रेन ट्यूमर, रीढ़ के अंदर व बाहर स्थित ट्यूमर और फेफडे में स्थित ट्यूमर को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।

वी-मैट – (VMAT) – Volumetric Arc Therapy

इसे वॉल्यूमेट्रिक मॉड्यूलेटेड आर्क थेरेपी (वी-मैट) कहा जाता है। इस विधि में बहुत कम समय (2 से 5 मिनट तक) में रेडिएशन द्वारा शरीर के कैंसरग्रस्त भाग की चिकित्सा की जाती है।

ब्रेकीथेरेपी – Brachytherapy

शरीर के आतरिक अंगों में स्थित ट्यूमर या गाठों, भोजन की नली, फेफड़े और गर्भाशय आदि के कैंसर में ब्रेकीथेरेपी उपयोगी है।