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सी टी स्कैन

  • अब पारस हॉस्पिटल दरभंगा में अत्याधुनिक सी टी स्कैन सरकारी दरों पर – Rs 1760/- में (ब्रेन सी टी) | एवं सभी अन्य सी टी स्कैनों पर 30% की छूट |
  • यह सेवा पारस ग्लोवल हॉस्पिटल दरभंगा में शाम 8 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक उपलब्ध है I सी टी स्कैन की रिपोर्ट्स (reports) अगले दिन दोपहर 2 बजे तक उपलब्ध होंगी |
  • पारस ग्लोबल हॉस्पिटल में हॉस्पिटल के और बहार के मरीज़ दोनों अपना सी टी स्कैन (CT Scan) करवा सकते हैं|

सीटी (CT Scan)  स्कैन क्या होता है?

सीटी स्कैन (CT Scan) या सीएटी स्कैन विशेष प्रकार का टेस्ट होता है जो कि एक एक्स-रे और एक कंप्यूटर के इस्तेमाल से किया जाता है और इस टेस्ट में हमे शरीर में कुछ विशेष अंगो का फोटो बनता है और इससे शरीर में बीमारी का आसानी से पता लगया जाता है| सीटी स्कैन को Computerized Axial Tomography के नाम से भी जाना जाता है | वैसे तो सीटी स्कैन (CT Scan) एक्स-रे का ही एक रूप होता है लेकिन यह उससे थोड़ा अच्छा होता है और इससे शरीर के अंगो का चित्र बढ़िया और अच्छे से देखा जा सकता है | यह चिकित्सकों को बीमारियां पता लगाने और उन बीमारियों का उपचार पता लगाने और वह बीमारियां कितनी पुरानी है कितने दूर तक शरीर में फैली हुई है और यह शरीर में किस भाग में है इस तरह की चीजों का पता लगाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है |

सी टी स्कैन (CT Scan) शरीर के किस अंगों के लिए किया जाता है ?

  • ब्रेन / मस्तिक्ष – वैसे तो आप शरीर के किसी भी हिस्से का या किसी भी अंग का सीटी स्कैन (CT Scan) करवा सकते हैं या पूरे शरीर का भी सीटी स्कैन करा सकते हैं लेकिन लगभग शरीर के कुछ हिस्सों का सीटी स्कैन ज्यादा होता है जैसे की सबसे ज्यादा मस्तिष्क का सीटी स्कैन किया जाता है क्योंकि अगर हमारे दिमाग में किसी तरह की नस फट जाती है या हमारे दिमाग में नस में खून जम जाता है तो उस अवस्था में उन चीजों का पता लगाने के लिए मस्तिष्क का सीटी स्कैन (CT Scan) किया जाता है|
  • छाती –छाती के सीटी स्कैन (CT Scan) में फेफड़े, हृदय, अन्नप्रणाली कैरेक्टर , या छाती के बीच में प्रमुख रक्त वाहिका (महाधमनी) या ऊतकों के साथ समस्याओं की जांच हो सकती है। कुछ सामान्य सीने की समस्याएं सीटी स्कैन (CT Scan) में संक्रमण, फेफड़े के कैंसर, एक फुफ्फुसीय अन्तःवाहिनी, और एक अनियिरिज्म शामिल हो सकता है। यह देखने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है कि क्या कैंसर शरीर के दूसरे क्षेत्र से छाती में फैल गया है|
  • मूत्र पथ या यूरोलॉजी के लिए – गुर्दे के कैरेक्टर, सीएटी स्कैन, गैलरी, यूटरर्स और मूत्राशय को सीटी केयूयूबी या सीटी यूरोग्राम कहा जाता है। इस प्रकार के स्कैन में गुर्दे के पत्थर, मूत्राशय के पत्थरों या मूत्र पथ के देखा जा सकता है | एक सीटी स्कैन (CT Scan) की एक विशेष प्रकार जिसे सीटी अन्तराशि पाइलोग्राम (आईवीपी) कहा जाता है गुर्दा की पथरी, रुकावट, विकास, संक्रमण या मूत्र पथ के दुसरे रोगों को देखने के लिए इंजेक्शन डाई (विपरीत सामग्री) का उपयोग किया जाता है |

क्या सीटी स्कैन सुरक्षित एवं पीड़ारहित है?

सीटी स्कैन एक अत्यंत सुरक्षित व दर्दरहित जाँच है। मरीज को बस कुछ क्षणों के लिए शांतिपूर्वक परीक्षण टेबल पर लेटे रहना पड़ता है। कभी-कभी सीटी जाँच के लिए आयोडीनयुक्त कन्ट्रास्ट इंजेक्शन या मुँह से दिया जाता है। इससे मरीज को थोड़ी बेचैनी या कभी-कभी एलर्जीहो सकती है, परंतु ऐसा बहुत ही कम होता है। फिर भी यदि आयोडीन से एलर्जी के बारे में पहले से मालूम हो तो डॉक्टर को अवश्य बता देना चाहिए। इसी प्रकार यदि गर्भावस्था हो तो भी डॉक्टर को जरूर बताना आवश्यक है, क्योंकि सीटी में भी एक्स-रे (रेडिएशन) की कुछ मात्रा अवश्य शरीर में जाती है।

सीटी स्कैन कब कराना आवश्यक है?

मस्तिष्क से संबंधित बीमारियों जैसे कुछ समय के लिए या पूरी तरह लकवा लगना, मूर्च्छा या बेहोशी, दुर्घटना आदि से सिर में चोट, मस्तिष्क के अंदर खून जमा हो जाना, मस्तिष्क में गठान (ट्यूमर) होने का संदेह, स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़) संबंधी समस्याओं आदि में सीटी स्कैन सबसे उपयोगी, महत्वपूर्ण एवं आवश्यक जाँच है। पेट व छाती के अंदरुनी अंगों की बीमारियों की पहचान में भी सीटी स्कैन की महत्वपूर्ण भूमिका है। फेफड़ों, लीवर आदि के कैंसर की विभिन्न अवस्थाओं (स्टेजेस) की जानकारी भी कैट स्कैन द्वारा प्राप्त की जाती है।