Feedback!

धूम्रपान कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों, और कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।

धूम्रपान कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों, और कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।

पारस ब्लिस हॉस्पिटल विशेषज्ञों ने तम्बाकू के दुष्प्रभावों पर विचारविमर्श किया

मोहाली, 31 मई, 2018: विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर सिटीजंस अवेयरनेस ग्रुप, एक स्थानीय गैर सरकारी संगठन, ने दिल्ली स्थित एनजीओ कंज्यूमर वॉयस की सहभागिता में होटल मिराज, सेक्टर 70 में एक सेमिनार आयोजित किया। सेमिनार में पारस ब्लिस हॉस्पिटल, पंचकूला के विशेषज्ञों और स्थानीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने पंजाब में तम्बाकू की बढ़ती खपत के दुष्प्रभावों पर विचार-विमर्श किया। सेमिनार में पंजाब के श्रम मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू मुख्य अतिथि थे।

डॉ. आशीष अरोड़ा, कंसल्टेंट, इंटरनेट मेडिसन, पारस ब्लिस हॉस्पिटल, पंचकूला ने कहा कि ‘‘तम्बाकू चबाने और धूम्रपान एक प्रमुख संशोधित स्वास्थ्य जोखिम कारक है। मुंह और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर, अवांछित परिस्थितियों, पलमनेरी रोग, हृदय रोग, स्ट्रोक सहित कई मुंह के कई रोगों के लिए  यह जिम्मेदार है। धूम्रपान और तम्बाकू के उपयोग (अन्य रूपों में) इसके उपयोग के कारण होने वाली विभिन्न बीमारियों के कारण मरीज समय से पहले मौत की ओर जाता है। तंबाकू उत्पादों में निकोटीन, कार्बन मोनोऑक्साइड, टैर सहित कई हानिकारक रसायन होते हैं।

डॉ. राजेंद्र पी. सेत्ती, सीनियर कंसल्टेंट पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, पारस ब्लिस अस्पताल, पंचकूला ने कहा, तम्बाकू की लत से छुटकारा पाने में बहुत मुश्किल है और यह मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। धूम्रपान कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों, प्रजनन संबंधी समस्याओं, दंत रोगों, फेफड़ों, गले, पेट, मुंह और आंतों में कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। दूसरे हाथ के धुएं (पैसिव स्मोकिंग) का एक्सपोजर धूम्रपान करने वालों के परिवारों के लिए चिंता का मुद्दा है।

श्री सुरिंदर वर्मा, चेयरमैन, सिटीजन अवेयरनेस ग्रुप, ने सेमिनार के उद्घाटन के मौके पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा कि  हर साल ये दिन हमें तम्बाकू के दुष्प्रभावों पर जागरूकता फैलाने की जरूरत याद दिलाता है। प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने के लिए यहां विशेषज्ञों और वरिष्ठ सरकारी कार्यकर्ताओं को एक साथ आने पर उन्हें दिल से खुशी हुई है।

श्री बलबीर सिंह सिद्धू, पशुपालन, डेयरी विकास और श्रम मंत्री ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कहा कि समाज सेवी संस्थाये इस क्षेत्र में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकती है जरूरत है कि एनजीओ ग्रामीण क्षेत्रों में जाये और ऐसे वर्ग को इसके प्रति जागरूक करें जिनमें शुन्य साक्षरता दर है। इस वर्ग को तम्बाकू से सेवन होते स्वास्थ्य के नुकसान के प्रति जागरूक करें।

डॉ. रीटा भारद्वाज, सिविल सर्जन एसएएस, ने तम्बाकू के उपयोग से जुड़े खतरों को रोकने के लिए किए गए उपायों पर बात की और सरकारी अस्पतालों में कैंसर के मामलों की जानकारी भी सांझा की। डॉ रीटा ने कहा कि एसऐएस नगर जिला स्मोक फ्री घोषित हो चुका है और अब इस जिले को तम्बाकू  मुक्त किया जाना है। यह कार्य लोगों के सहयोग के बिना सफल नही सकता है। उन्होंने कहा कि भले ही इस काम के लिए एक्ट बन चुका है। नॉडल आफिसर भी है मगर वह अकेले कुछ नही कर सकते हैं। जनता को जागरूक हो कर आगे आने की जरूरत है। तम्बाकू सेवन साइलैंट डिजीज़ के तौर पर बढ़ रही है। दिल की बिमारियों से अधिक मौतें हो रही है जिसका कारण तम्बाकू सेवन है।

Call
Us
Paras Bliss Guraon
0124-4585555
Paras Bliss Panchkula
0172-5054441
`