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Posted on Feb 9, 2023 | By Dr. Anshu Agarwal

एक स्वस्थ प्रेगनेंसी के लिए क्या करें और क्या नहीं करें

Pregnancy Care Tips

  1. एक स्वस्थ प्रेगनेंसी की योजना बनाने के लिए एक माता पिता को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए तथा आर्थिक रूप से मज़बूत होना चाहिए ताकि वो आने वाले बच्चे को एक अच्छा भविष्य दे सकें।

  2. कोई एक सप्लीमेंट(दवाई) जिसकी सलाह हम हर माँ बनने वाली महिला को देते हैं, वो है फ़ोलिक ऐसिड। इसको प्रेगनेंसी से कम से कम दो महीने पहले शुरू करना चाहिए। इसकी उचित खुराक है चार सौ माइक्रो ग्राम। इसे पूरे दिन में किसी भी समय लिया जा सकता है और इसका खाने से कोई संबंध नहीं होता है। फ़ोलिक ऐसिड दवाई आपके होनेवाले बच्चे में न्यूरल ट्यूब का दोष या दिमाग या रीढ़ की हड्डी के दोष को कम करने में मदद करता है।

  3. मौखिक स्वास्थ्य जांच: काफी संभावित महिलायें इसका ध्यान नहीं रखती हैं। लेकिन मौखिक स्वास्थ्य जांच यानी कि मसूड़े, दांत और जीभ इनकी जांच प्रेगनेंसी के दौरान बहुत ही आवश्यक है। क्योंकि इनमें संक्रमण होने से बच्चे को ऑर्गेनोजेनेसिस(अंग निर्माण), जन्म दोष और गर्भपात का भी खतरा हो सकता है।

  4. प्रेगनेंसी से पहले की जांच: अगर आपको पहले से कोई बीमारी है जैसे कि डायबिटीज़, थाइरॉइड या हाइपरटेंशन तो इसका सही तरीके से इलाज करके एक सही स्तर पर लाना बहुत ही आवश्यक है।

  5. जीवन शैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव: बाहर का खाना, सिगरेट, धूम्रपान, शराब, ये सब आपको प्रेगनेंसी के पहले छोड़ देना चाहिए। इसके अलावा अगर आप कोई भी असमर्थित दवाई जैसे-सर दर्द, बुखार, एंटीबायोटिक और अन्य कोई दवाईं बिना डॉक्टर की सलाह के लेते हैं तो उन्हें भी आपको डॉक्टर की सलाह के साथ ही लेना चाहिए। अगर आपका वज़न ज़्यादा या बहुत कम है तो इसे भी एक सामान्य अनुपात पर लाना आवश्यक है।

प्रेगनेंसी के शुरुआती तीन महीनों में क्या नहीं करना चाहिए

पहले तीन महीने ही नहीं पूरी प्रेगनेंसी में हमको इन चार से पांच बातों का ध्यान ज़रूर रखना चाहिए। पहला, ओवर-इटिंग यानी कि जरूरत से अधिक खाना। प्रेगनेंसी में अधिक खाने की कोई आवश्यकता नहीं है बल्कि संतुलित आहार और पोषिक तत्वों को बढ़ाने की आवश्यकता है। पोषक तत्वों को कितना बढ़ाना है इसके लिए आप अपने गायनोकॉलोजिस्ट डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। उदाहरण के लिए:

  • घी का अत्यधिक प्रयोग: ऐसा कुछ भी नहीं है कि घी की मात्रा आपकी डाईट में बढ़ाने से आपकी सामान्य डिलिवरी या प्रसूति हो सकती है। घी की एक संतुलित मात्रा यानी कि एक से दो चम्मच घी का प्रयोग ही आपको दैनिक आहार में करना चाहिए।

  • धूम्रपान या शराब का सेवन: अत्यधिक शराब के सेवन से फीटल अल्कोहल सिंड्रोम नाम की बीमारी हो सकती है तथा बच्चे को जन्म दोष या या गर्भपात का खतरा भी बढ़ सकता है।

  • असमर्थित दवाओं का सेवन: कोई भी दवा जो आप पहले से लेते आ रहे हों जैसे कि सिर दर्द या पेट दर्द की गोली या मुंहासे की गोली या मुंहासे की कोई लगाने वाली क्रीम वो भी आपको अपने गायनोकॉलोजिस्ट डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना या लगाना चाहिए।