PRESS RELEASE

Apr 25, 2022

रीढ़ की हड्डी में टीबी और चलने में लाचार महिला को पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल ने दिलाई राहत

रीढ़ की हड्डी में टीबी और चलने में लाचार महिला को पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल ने दिलाई राहत

हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅ. आर. के. प्रसाद ने रीढ़ की हड्डी का आॅपरेशन कर महिला को बीमारी से उबारा |

दरभंगा, 22 सितम्बर: रीढ़ की हड्डी में टीबी के कारण चलने-फिरने में लाचार 32 साल की महिला पूनम देवी को आॅपरेशन कर पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल, दरभंगा ने राहत दिला दी। आठ महीने से वह कमर दर्द से परेशान थी, बाद में चलने-फिरने में भी असमर्थ हो गयी तथा पेशाब भी रूक गया था। कई जगहों पर दिखाने के बावजूद न उसका कमर दर्द रूक रहा था, न ही चल-फिर पा रही थी। टीबी के कारण उसकी रीढ़ की हड्डी आगे की ओर झुक गयी थी जिससे सारी समस्याएं उत्पन्न हो गयी थी। बाद में उसे पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल में भर्ती किया गया जहां उसकी रीढ़ की हड्डी का आॅपरेशन कर उसे ठीक किया गया।

आॅपरेशन करने वाले हाॅस्पिटल के डाॅ. आर. के. प्रसाद ने बताया कि टीबी के कारण उसकी रीढ़ की हड्डी पर ज्यादा दबाव पड़ रहा था जिससे उसके पैरों ने काम करना बंद कर दिया था। साथ ही उसके शरीर में खून की भी कमी हो गयी थी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद पता चला कि उसकी रीढ़ की हड्डी में टीबी हो गया है जिससे वह विभिन्न समस्याओं से ग्रस्त हो गयी थी। तब उसका आॅपरेशन कर रीढ़ स्पाइनल काॅर्ड के दबाव को हटाया गया। उन्होंने बताया की आॅपरेशन के दौरान रीढ़ की हड्डी को राॅड और रेडिकल स्क्रू लगाकर सीधा किया गया। इसके बाद मरीज का दर्द खत्म हो गया तथा उसके पैरों में हरकत शुरू हो गयी। डाॅ. प्रसाद ने बताया कि शीघ्र ही वह चलना-फिरना शुरू कर देगी। पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल में इलाज से संतुष्ट मरीज पूनम देवी और उसके परिजनों ने हाॅस्पिटल में उपलब्ध सुविधाओं तथा डाॅक्टर को धन्यबाद किया। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर दिखाया पर कोई भी डाॅक्टर बीमारी को नहीं पकड़ सका, वह तो पारस हाॅस्पिटल था जिसने हमारी बीमारी को एक झटके में पकड़ कर राहत दिला दी।