Apr 25, 2022
17 लाख बिहारी हैं हेपटाइटिस के शिकार
4 करोड़ भारतीय हैं हेपटाइटिस बी से पीड़ितए 17 लाख बिहारवासियों को है हेपटाइटिस सीण् एचण् आईण् वीण् से ज़्यादा संक्रामक है हेपटाइटिस ब का वाइरसण् इन्ही कारणों सेए 26 जुलाइ को विश्वा हेपटाइटिस दिवस के अवसर पे दरभंगा के पारस अस्पताल में एक विशाल निशुल्क स्वास्थ्या जाँच शिविर लगाया गयाण् शिविर में सैकड़ों मिथिला वासियों ने भाग लिया और पारस द्वारा प्रदान की गयी मुफ़्त कलेजे की जाँच याने फिब्रोस्कन का भी लाभ उठायाण् शिविर के अंतर्गत मरीजों को हेपटाइटिस बी के टीके भी लगाए गयेण्
दरभंगा के मशहुउर पेट रोग याने गॅस्ट्रो के डॉक्टरए ड्र शरद कुमार झाए जो पारस ग्लोबल हॉस्पिटल दरभंगा के विशेषगया हैंए ने बताया की हेपटाइटिस बी का वाइरसए एचाइवी से अधिक संक्रामक हैण् ए 17 लाख बिहारवासियों को हेपटाइटिस सी है और 4 करोड़ भारतीय हेपटाइटिस बी से पीड़ित हैंण् हमे हेपटाइटिस को नियंत्रण में लाने के लिए शीघ्र ही बड़े और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता हैण् उन्होने बताया की हेपटाइटिस काई प्रकार के होते है जैसे की हेपटाइटिस ए बीए सीए ईण् हेपटाइटिस ए और ई से अधिक जानलेवा हैं हेपटाइटिस बी और सीण्
हेपटाइटिस के कुछ आम लक्षण हैं
ऽ जॉनडिस
ऽ भूख कम लगना
ऽ शरीर में दर्द
ऽ जोड़ों में दर्द
हेपटाइटिस का वाइरस इन कारणों से फैलता हैरू
ऽ ब्लड ट्रॅन्सफ्यूषन
ऽ असुरक्षित यौन संबंध
ऽ मेडिकल सुईए रेज़र इत्यादि कर कई बार इस्तेमाल और लापरवाही
ऽ हेपटाइटिस पीडिता मा से उसके शिशु को
हेपटाइटिस के आखरी चरण में मरीज को लिवर सरोसिस या लिवर कॅन्सर हो जाता हैण् लिवर कॅन्सर होने के पश्चात केवल लिवर ट्रॅन्सप्लॅंट करके ही मरीज को बचाने की संभावना होती हैण्
बिहार में हेपटाइटिस ए और ई को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है अगर जल की स्वतचता को बढ़ाया जाए और साफ जल का प्रयोग होण्
ड्र शरद ने कहा की बार बार उल्टी होनाए अत्यधिक थकान और भूख की कमी को अनदेखा ना करें ण् सॉफ सुथरे सरिंज या सुई का प्रयोग करें और शक हो तो जाँच करायें और समय रहते टीका ज़रूर लगवायेंण्हेपटाइटिस संबंधित और जानकारी इस नंबर पे प्राप्त की जा सकती है