Apr 25, 2022
स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं, हृदय रोग से बचें पारस एचएमआरआई के हृदय रोग विभाग
डाॅ. निशांत त्रिपाठी
डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष, हृदय रोग, पारस एचएमआरआई हाॅस्पिटल, पटना
डाॅ. निशांत त्रिपाठी, डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष, हृदय रोग विभाग, पारस एचएमआरआई सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल, राजाबाजार, पटना ने कार्डियो वैसकुलर (हृदय नारी रोग) बीमारियों में बेतहाशा वृद्धि तथा सभी को लागत प्रभावी दर पर इलाज की प्रतिबद्धता जतायी है।
- क्या आप अपने अभी तक के अनुभव के सफर के बारे में बताना चाहेंगे ?
उत्तर: मैंने देश के दो प्रमुख संस्थानों जी.बी. पंत हाॅस्पिटल, नयी दिल्ली और एसजीबीजीआई, लखनऊ, में कार्डियोलाॅजी की टेªनिंग ली। पारस हाॅस्पिटल में कार्डियोलाॅजी के विभागाध्यक्ष पद पर ज्वाइन करने से पहले मैं आईजीआईएमएस के कार्डियोलाॅजी विभाग में एसिसटेन्ट प्रोफेसर था।
- पारस एचएमआरआई ज्वाइन करने के बाद आपके प्राथमिकता के क्षेत्र क्या हैं ?
उत्तर: भारत में बढ़ रही कार्डियो वैसकुलर बीमारियां (सीवीडी) बोझ बनती जा रही है। पारस एचएमआरआई में मेरा लक्ष्य हृदय विभाग को कार्डियेक साइंसेज के विशिष्ट केन्द्र बनाने के लिए नया रूप देना है। हम जीवन की रक्षा जैसे हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर के लिए 24 ग 7 उपलब्ध रहकर इलाज करने को प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा हृदय रोग से बचाव पर भी जोर दे रहे हैं। इसके लिए हृदय रोग की बीमारियों के रिस्क फैक्टर (कारणों) जैसे डीएम/एचटी, लिपिड डिस्आर्डर तथा हृदय की किसी समस्या और उसका इलाज शामिल है। हृदय से संबंधित बीमारी के इलाज में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा शुरूआती दौर में बीमारी की पहचान होना है, इसके लिए हमलोग शुरूआती चरण में इस बीमारी के पहचानने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
- इसे अपनी पहुंच का अस्पताल न मानकर आम आदमी यहां की सेवा लेने से कतराते हैं। इस मुद्दे पर आप क्या कहना चाहेंगे ?
उत्तर: मैंने पहले ही कहा है कि मेरा लक्ष्य बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाले अस्पताल की सेवा उपलब्ध कराना है। उनकी मदद के लिए हमारे यहां मुफ्त ओपीडी, हेल्दी हार्ट पैकेज लागत प्रभावी दर पर उपलब्ध है। हम गरीब लोगों की हृदय रोग की सभी बीमारियों का इलाज जैसे एंजियोप्लास्टी तथा अन्य सर्जरी मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत करते हैं। इस तरह की सभी पहल आम आदमी खासकर गरीबों को हाॅस्पिटल की सेवा लेने में मदद करेगी।
- मेडिकल पेशे में आने वाले तथा हृदय रोग में विशेषज्ञता हासिल करने वाले छात्रों के लिए आप क्या संदेश देना चाहेंगे ?
उत्तर: वैसे मेडिकल छात्र जो हृदय रोग में विशेषता हासिल करना चाहते हैं, उन्हें एक लम्बा रास्ता तय करने के लिए तैयार रहना होगा। उन्हें उत्साही बनकर चीजों पर फोकस कर फिट बने रहना होगा। उन्हें हृदय रोग के इलाज में तेजी से आ रहे बदलाव के बारे में अपने आपको अपडेट रहना होगा तथा आम आदमी की सेवा के प्रति इच्छुक बने रहना होगा। उन्हें जवाबदेही लेने का बोझ विकसति कर समाज के लोगों की बेहतरी के प्रति योगदान देना चाहिए।
- अपने पाठकों को हृदय को स्वस्थ रखने के लिए क्या संदेश देना चाहेंगे ?
उत्तर: जनसंख्या बढ़ने के साथ डायविटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और अधिक उम्र के कारण हृदय की बीमारियां बढेंगी और हमारे पास सभ्ीा का इलाज करने का पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होगा। इसलिए मेरा पाठकों के लिए मुख्य संदेश होगा कि हमें रिस्क फैक्टर को नियंत्रित करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली की शुरूआत स्कूल स्तर से करनी होगी। इससे डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मामले घटेंगे तो हृदय की बीमारियां भी स्वतः घट जायेंगी। स्वस्थ खाना खाएं, प्रतिदिन व्यायाम करें तथा दबाव से अपने आपको मुक्त रखकर स्वस्थ जीवन व्यतीत करें। इससे हृदय की बीमारी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक होने के रिस्क फैक्टर घटेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि आप अपने रिस्क फैक्टर को खोजकर निकालें। अपने ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रोल और ब्लड शुगर की जांच नियमित कराएं। इस सबसे हृदय की विभिन्न तरह की बीमारियों से बचाव में मदद मिलेगी।