Chat with us on WhatsApp
Press Coverage

Press Coverage

Apr 25, 2022

पारस अस्पताल में डाक्टर खंडेलवाल और उनकी टीम ने जटिल आॅपरेषन कर 70 वर्षीय गोपालगंज के पूर्व विधायक की बचाई जान

पारस अस्पताल में डाक्टर खंडेलवाल और उनकी टीम ने जटिल आॅपरेषन कर 70 वर्षीय गोपालगंज के पूर्व विधायक की बचाई जान

बिहार के गोपालगंज के पूर्व विधायक 70 वर्षीय अनिल चैधरी (नाम बदला हुआ) पारस एचएमआरआई अस्पताल के ईमरजेंसी में थें। उनकी परेषानी का शबब ये था कि उनके पेट में काफी दर्द रहता था खासकर तब जब वो मल त्याग करने जाते थें। दर्द के कारण वो मल त्याग नहीं कर पा रहें थें। उन्हें काफी तकलीफ होती थी और वो दर्द से तिलमिला उठते थें। पारस ईमरजेंसी में उनकी पिछली रिपोर्ट देखकर ये पता चला कि उनकी आॅत सूजी हई है और उसमे रूकावट है। पारस इंमरजेंसी में गैस्ट्रो सर्जन डाक्टर प्रोफेसर चिरंजिव खंडेलवाल ने अनिल चैधरी की प्रारंभिक जाॅच में ये पाया की मरीज का अपेनडिक्स ;।चचमदकपगद्ध फट चुका है और उसमें मवाद जमा हो गया है। पर रिपोर्ट से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होने पर डाक्टर खंडेलवाल ने मरीज के परिवार वालों को सिटी स्कैन की सलाह दी जिसकी जाॅच रात्रि में हीं हो गई। सीटी स्कैन की रिपोर्ट से पित्त की थैली ;ळंसस ठसंककमतद्ध में माॅस बढ़ने (कैंसर) का भी पता चल रहा था।

अनिल चैधरी की रिपोर्ट को अच्छी तरह से देखने के बाद डाक्टर खंडेलवाल ने परिवार वालों को आपरेषन की सलाह दी। साथ हीं उन्होने ये भी बतलाया कि अगर आपरेषन नहीं किया गया तो मरीज की जान खतरे में है। परिवार वालों ने पारस एचएमआरआई की उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था को देखते हुए वहीं आॅपरेषन करवाने का र्निणय लिया। डाक्टर खंडेलवाल ने अनिल के आॅपरेषन करने से पहले कुछ जरूरी जाॅच करवायें और जाॅच की रिपोर्ट आने के बाद दूसरे दिन हीं उनका आॅपरेषन किया गया। शल्य चिकित्सा के दौरान सड़े हुए अपेनडिक्स ;।चचमदकपगद्ध को और उसके साथ मवाद को निकालकर सफाई की गई। पित्त की थैली ;ळंसस ठसंककमतद्ध को भी निकाला गया पर तब उसी दौरान ये अनुभव हुआ कि माॅस (ट्यूमर) कैंसर का न होकर, पैदायषी है जिसे हम खून की थैली ;भ्ंमउंदहपवउंद्ध कहते हैं। बाद में बायोप्सी की रिपोर्ट से भी पित्त की थैली ;ळंसस ठसंककमतद्ध में कैंसर न होने की पुष्टी हुई।
डाक्टर चिरंजिव खंडेलवाल के अनुसार इस उम्र में इस तरह के आॅपरेषन में कई तरह की परेषानियाॅ सामने आती है। अगर पूरी तरह एहतियात न बरती जाये तो मरीज की जान भी जा सकती है। पर पारस अस्पताल में हर तरह की उच्चस्तरीय मेडिकल सेवा उपलब्ध होने के कारण अनिल चैधरी को उन परेषानियों का सामना नहीं करना पड़ा।

आॅपरेषन के 2-3 दिनों के बाद हीं मरीज की स्थिति में सुधार नजर आने लगा और 6 दिन बाद हीं उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वयोवृध अनिल चैधरी और उनके परिवार वालों ने डाक्टर खंडेलवाल और पारस एचएमआरआई अस्पताल की उच्चस्तरीय चिकित्सा व्यवस्था की खूब सराहना की साथ हीं डाक्टर खंडेलवाल और उनकी टीम का दिल से धन्यवाद भी किया।


Request A Call Back
Didn't Find What You Were Looking For

Get a call back from our Health Advisor