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Press Coverage

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Apr 25, 2022

पारस हाॅस्पिटल में माँ की मौत के बाद बेटे ने उसके उपकरण का दान कर दिया अपने देश में उपकरण दान का भी प्रचलन बढ़ रहा है

पारस हाॅस्पिटल में माँ की मौत के बाद बेटे ने उसके उपकरण का दान कर दिया अपने देश में उपकरण दान का भी प्रचलन बढ़ रहा है

पटना, 27 अगस्त: पारस एचएमआरआई सुपर स्पेशिलिटी हाॅस्पिटल, राजाबाजार, पटना में एक महिला की मौत के बाद उसके पुत्र ने उसके शरीर में लगे उपकरण सीआरटीपी का दान यह कहते हुए किया की किसी गरीब और असहाय जरूरतमंद को यह उपकरण दे दिया जाए। यह जानकारी देते हुए हाॅस्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. नरेन्द्र कुमार ने कहा कि दान किया गया उपकरण हृदय की पम्पिंग की क्षमता को बढ़ाता है। यह उपकरण उन्नत किस्म का तीन चेम्बर वाला पेसमेकर है जिसकी कीमत करीब 6 लाख रुपये होती हैं। यह आम पेसमेकर से भिन्न है क्योंकि आम पेसमेकर इलेक्ट्रिक करंट सप्लाई करने का काम करता है जबकि दान किया गया उपकरण हार्ट की पंपिंग को जरूरत के हिसाब से बनाये रखता है। इस उपकरण की आयु 10 से 12 वर्ष होती है।

डाॅ. कुमार ने कहा कि उपकरण दान को भी बढ़ावा देना चाहिए क्योंकि यह गरीब और असहाय लोगों को नया जीवन देता है। इसलिए लोगों में उपकरण दान को लेकर जागरूकता फैलाने की जरूरत है ताकि अधिक से अधिक लोग उपकरण दान कर सकें। दान किये गये उपकरण को हाॅस्पिटल अपने पास सुरक्षित रख लेता है और वैसे जरूरतमंदो को यह उपकरण लगाता है जिसे इसके खरीदने के लिए रुपये नहीं हैं।

पारस एचएमआरआई हाॅस्पिटल के कार्डियोलाॅजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर एवं एचओडी डाॅ. निशांत त्रिपाठी ने कहा कि हम गरीबों और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए उपकरण दान को बढ़ावा देना चाहते हैं। इसलिए मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों से मृतकों के शरीर में लगे कीमती उपकरणों का दान करने का आग्रह करते हैं। उपकरण दान के पीछे मेरा मुख्य मकसद है कि शरीर में लगा उपकरण यूंही बर्बाद होने से अच्छा है कि वह किसी का जीवन बचाने में कारगर हो पाये।


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