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Dr. Parul Priyanka

Dr. PARUL PRIYANKA

Consultant - RADIATION ONCOLOGY

MBBS

पारस हेल्थ, कानपुर

Dr. Parul Priyanka के बारे में

Dr. Parul Priyanka is a Consultant in Radiation Oncology with expertise in modern radiation therapy techniques and comprehensive cancer treatment. Her areas of expertise include clinical oncology, advanced radiation techniques, brachytherapy and palliative treatment.

 

Areas of Expertise

  • Clinical Oncology
  • Intensity-Modulated Radiation Therapy (IMRT)
  • Stereotactic Body Radiation Therapy (SBRT)
  • Stereotactic Radiotherapy (SRT)
  • Brachytherapy
  • Palliative Treatment

Awards & Recognition

  • Winner – North Zone Quiz, Amritsar (2019)

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वेल्नेस ब्लॉग

थकान, कमजोरी और बार-बार खून की कमी होना अक्सर लोग सामान्य एनीमिया समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार इसकी वजह आयरन की कमी नहीं होती। कई बार यह एक गंभीर आनुवंशिक रक्त विकार यानी थैलेसीमिया का संकेत भी हो सकता है।
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महिलाओं में स्तन कैंसर (Breast Cancer in Women) आज दुनिया भर में सबसे आम कैंसर में से एक है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि अगर स्तन कैंसर का शुरुआती चरण में पता चल जाए तो इसका इलाज सफलतापूर्वक किया जा सकता है।
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भारत में हर साल लगभग 1 लाख से अधिक लोग मुंह के कैंसर (Oral Cancer) से पीड़ित पाए जाते हैं। यह कैंसर भारत में सबसे आम कैंसरों में से एक है, खासकर उन लोगों में जो तंबाकू, गुटखा, खैनी, पान मसाला या शराब का सेवन करते हैं।
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अक्सर पुरुष अपने स्वास्थ्य को लेकर उतने सजग नहीं रहते जितना रहना चाहिए। छोटे-मोटे लक्षणों को वे सामान्य मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेशाब करने में थोड़ी-सी कठिनाई या बार-बार पेशाब आने जैसे संकेत भी प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षण (Prostate Cancer Ke Shuruwati Lakshan) हो सकते हैं?
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कैंसर आज के समय की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक बन चुका है। हर साल लाखों लोग कैंसर से प्रभावित होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुरुषों और महिलाओं में कुछ कैंसर अलग-अलग होते हैं? इसके लक्षण, जाँच के तरीके और जोखिम भी अलग हो सकते हैं।
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हर साल भारत में लाखों लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आते हैं। बदलती जीवनशैली, खानपान की गड़बड़ी, तनाव और पर्यावरणीय कारण इसकी बड़ी वजह हैं। लेकिन राहत की बात ये है कि 30% से 50% कैंसर के मामले को सही जीवनशैली के जरिए रोका जा सकता है।
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