Apr 25, 2022
पारस हाॅस्पिटल ने आधी गर्दन कट चुके दुकानदार की जान बचाई
- चमकी का दौरा आने से वह शीषे के अलमारी पर गिर गया जिससे उसकी आधी गर्दन कट गयी
- डाॅ. शमीम खुर्रम आजमी ने दो घंटे तक आॅपरेषन कर बचाई युवा दुकानदार की जान, खून भी चढ़ाना पड़ा
दरभंगा, 27 फरवारी 2018। पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल, दरभंगा ने आधी गर्दन कट चुके हटगाछी, गोपालपुर, दरभंगा के युवा दुकानदार 28 वर्षीय अनीश कुमार यादव की जान बचा दी। अनीस अपनी दुकान पर बैठा था कि उसे चमकी का दौरा आया और वह शीशे से बने अलमारी पर गिर पड़ा जिससे उसकी गर्दन और गला बुरी तरह कट गया और खून का गिरना शुरू हो गया। उसे अति गंभीर हालत में पहले सकरी लाया गया जहां कोई भी डाॅक्टर उसका इलाज नहीं कर सका। तब उसे दरभंगा लाया, वहां भी उसे कोई डाॅक्टर के पास ले जाया गया,ं पर किसी ने उसका इलाज नहीं किया। फिर उसे पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल की इमरजेंसी में उसे भर्ती किया जहां दो घंटे आॅपरेशन कर उसकी जान बचाई गई।
आॅपरेशन करने वाले हाॅस्पिटल के डाॅ. शमीम खुर्रम आजमी ने बताया कि मरीज को चमकी की बीमारी थी जिसकी दवा उसे चल रही थी, परंतु कुछ दिनों से वह दवा नहीं ले रहा था, इसलिए उसे दुकान में ही दौरा आया जिसके कारण वह शीषे के अलमारी पर गिर पड़ा। शीशे पर गिरने से उसकी खून की नली, आर्टिरी कट गयी जिससे काफी खून गिरने लगा। उन्होंने कहा कि उसे आधी मृत अवस्था में लाया गया लेकिन हमने उसे तुरंत आॅपरेशन थियेटर में शिफ्ट करवाया जहां सलाइन और खून चढ़ाया गया तथा कटी हुई खून की नली, आर्टिरी की मरम्मत की गयी तब जाकर खून निकलना बंद हुआ। आॅपरेशन करने के बाद उसे आईसीयू में रखा गया जहां खून भी उसे पढ़ाया गया। इसके बाद उसकी स्थिति सुधर गयी। वह पूर्णतः ठीक है।
मरीज अनीश ने बताया कि हमारे गांव के लोग बता रहें हैं कि हमतो मर चुके थे, लेकिन यह पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल ही था कि हमें जिन्दा कर दिया। डाॅ. आजमी ने कहा कि हमारे हाॅस्पिटल में अत्याधुनिक उपकरण तथा सुविधाएं मौजूद हैं, इसलिए हम लोगों को किसी भी तरह के मरीज का आॅपरेशनया इलाज करने में कोई दिक्कत नहीं होती है।