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बारिश के मौसम की आम बीमारियां: जानें लक्षण और बचाव के आसान तरीके

बारिश के मौसम की आम बीमारियां बारिश के मौसम की आम बीमारियां
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By Dr. Pragya Sharma in Internal Medicine

Jul 22, 2026

बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इसके साथ कई संक्रामक और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस मौसम में बढ़ी हुई नमी, जगह-जगह जमा पानी, मच्छरों की संख्या में वृद्धि और दूषित भोजन या पानी के कारण संक्रमण तेजी से फैल सकता है। यही वजह है कि बारिश के मौसम की आम बीमारियां हर साल हजारों लोगों को प्रभावित करती हैं।

अक्सर लोग बुखार, सर्दी-जुकाम या पेट खराब होने जैसी शुरुआती समस्याओं को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार यही लक्षण डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर, टाइफाइड या डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों की शुरुआत हो सकते हैं। समय पर सही जानकारी और उचित सावधानी अपनाकर इन बीमारियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।

इस लेख में हम जानेंगे कि मानसून की बीमारियां कौन-कौन सी हैं, उनके शुरुआती लक्षण क्या होते हैं और इस मौसम में स्वस्थ रहने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बारिश के मौसम में बीमारियों का खतरा क्यों बढ़ जाता है?

क्या आपने कभी सोचा है कि हर साल मानसून आते ही बुखार, पेट के संक्रमण और मच्छरों से होने वाली बीमारियों के मामले अचानक क्यों बढ़ जाते हैं?

इसके पीछे कई कारण होते हैं

1. नमी बढ़ने से संक्रमण तेजी से फैलता है

बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक होती है। यह बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाती है, जिससे मानसून में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

2. मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है

जगह-जगह जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का सबसे बड़ा कारण होता है। ऐसे में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं।

3. दूषित पानी और भोजन

बारिश के दौरान पानी की सप्लाई दूषित हो सकती है। साथ ही बाहर का खुला या बासी भोजन खाने से जलजनित रोग और पेट के संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।

4. कमजोर इम्यूनिटी

मौसम में अचानक बदलाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे वायरल संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है।

5. स्वच्छता की कमी

गीले कपड़े, गंदगी और जलभराव के कारण त्वचा संबंधी संक्रमण और फंगल इंफेक्शन भी आम हो जाते हैं।

बारिश के मौसम की 10 आम बीमारियां

1. डेंगू

डेंगू बारिश के मौसम में सबसे तेजी से फैलने वाली बीमारियों में से एक है। यह एडीज (Aedes) मच्छर के काटने से फैलता है, जो साफ पानी में पनपता है।

डेंगू के सामान्य लक्षण

  • तेज बुखार
  • आंखों के पीछे दर्द
  • सिरदर्द
  • शरीर और जोड़ों में तेज दर्द
  • त्वचा पर लाल चकत्ते
  • कमजोरी
  • मतली या उल्टी

कब सतर्क होना चाहिए?

यदि तेज बुखार के साथ लगातार उल्टी, सांस लेने में तकलीफ, पेट में तेज दर्द या खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल जाएं।

बचाव कैसे करें?

  • मच्छरदानी का उपयोग करें।
  • पूरी बांह के कपड़े पहनें।
  • घर के आसपास पानी जमा होने दें।
  • मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

2. मलेरिया

मलेरिया संक्रमित एनोफिलीज (Anopheles) मच्छर के काटने से फैलता है। समय पर इलाज मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकता है।

मलेरिया के लक्षण

  • तेज बुखार
  • ठंड लगकर कंपकंपी आना
  • अत्यधिक पसीना आना
  • सिरदर्द
  • थकान
  • उल्टी

किन लोगों में खतरा ज्यादा होता है?

  • छोटे बच्चे
  • गर्भवती महिलाएं
  • बुजुर्ग
  • कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग

बचाव

  • मच्छरों से बचाव करें।
  • रात में मच्छरदानी लगाकर सोएं।
  • जलभराव को रोकें।
  • बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं।

3. चिकनगुनिया

चिकनगुनिया भी मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी है। इसमें बुखार के साथ जोड़ों का दर्द कई सप्ताह या महीनों तक बना रह सकता है।

चिकनगुनिया के लक्षण

  • अचानक तेज बुखार
  • हाथ-पैरों के जोड़ों में तेज दर्द
  • शरीर दर्द
  • सिरदर्द
  • त्वचा पर रैश
  • कमजोरी

बचाव

चिकनगुनिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों से बचना और आसपास सफाई बनाए रखना है।

4. वायरल फीवर

मौसम बदलने के दौरान वायरल फीवर के मामले काफी बढ़ जाते हैं। यह वायरस के कारण होने वाला संक्रमण है और आमतौर पर कुछ दिनों तक रहता है।

वायरल फीवर के लक्षण

  • बुखार
  • गले में दर्द
  • सर्दी-जुकाम
  • खांसी
  • शरीर दर्द
  • थकान
  • सिरदर्द

क्या करें?

  • पर्याप्त आराम करें।
  • खूब पानी पिएं।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लें।
  • बिना सलाह एंटीबायोटिक लें, क्योंकि वायरल संक्रमण में हर बार इसकी जरूरत नहीं होती।

5. डायरिया और दस्त

बारिश के मौसम में दूषित पानी और भोजन के कारण डायरिया और दस्त की समस्या काफी आम हो जाती है। समय पर इलाज मिलने पर शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है।

डायरिया के लक्षण

  • बार-बार पतला मल होना
  • पेट दर्द
  • उल्टी
  • कमजोरी
  • डिहाइड्रेशन
  • चक्कर आना

क्या करें?

  • ORS का घोल लें।
  • पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पिएं।
  • हल्का और ताजा भोजन करें।
  • लंबे समय तक दस्त बने रहने या खून आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।

इस मौसम में इन शुरुआती लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज करें

बारिश के मौसम में यदि आपको निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य मौसमी परेशानी समझकर अनदेखा करें

  • लगातार तेज बुखार
  • बार-बार उल्टी
  • दस्त
  • शरीर में असहनीय दर्द
  • आंखों के पीछे दर्द
  • त्वचा पर लाल चकत्ते
  • अत्यधिक कमजोरी
  • सांस लेने में तकलीफ
  • पेशाब कम आना

समय पर जांच कराने से बीमारी की सही पहचान हो सकती है और जटिलताओं से बचा जा सकता है।

6. टाइफाइड

टाइफाइड एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो आमतौर पर दूषित पानी और भोजन के माध्यम से फैलता है। बारिश के मौसम में स्वच्छता की कमी के कारण इसके मामले बढ़ सकते हैं।

टाइफाइड के लक्षण

  • लगातार तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • पेट दर्द
  • भूख कम लगना
  • कमजोरी
  • कब्ज या दस्त

बचाव

  • केवल साफ और उबला हुआ पानी पिएं।
  • बाहर का खुला या अस्वच्छ भोजन खाने से बचें।
  • खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोएं।
  • लंबे समय तक बुखार रहने पर डॉक्टर की सलाह से जांच कराएं।

7. फूड पॉइजनिंग

बारिश के मौसम में भोजन जल्दी खराब हो सकता है। दूषित या बासी खाना खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है।

फूड पॉइजनिंग के लक्षण

  • उल्टी
  • दस्त
  • पेट में ऐंठन
  • बुखार
  • मतली
  • कमजोरी

बचाव

  • ताजा और घर का बना भोजन खाएं।
  • कटे हुए फल और सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थों से बचें।
  • भोजन को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।
  • फ्रिज में रखा भोजन लंबे समय तक बाहर रखें।

8. आंख आना (कंजंक्टिवाइटिस)

कंजंक्टिवाइटिस एक संक्रामक आंखों का संक्रमण है, जो बारिश के मौसम में तेजी से फैल सकता है।

कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण

  • आंख लाल होना
  • पानी आना
  • खुजली या जलन
  • आंखों से चिपचिपा स्राव
  • रोशनी से परेशानी

बचाव

  • आंखों को बार-बार छुएं।
  • तौलिया, रुमाल या तकिया साझा करें।
  • आंखों की सफाई का ध्यान रखें।
  • संक्रमण होने पर डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप का उपयोग करें।

9. त्वचा और फंगल संक्रमण

बारिश के मौसम में लगातार नमी रहने से त्वचा संक्रमण और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

सामान्य लक्षण

  • खुजली
  • लाल चकत्ते
  • त्वचा का छिलना
  • दाद
  • पैरों की उंगलियों के बीच सफेदपन या खुजली

बचाव

  • त्वचा को सूखा रखें।
  • भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें।
  • सूती और आरामदायक कपड़े पहनें।
  • व्यक्तिगत तौलिया और कपड़ों का इस्तेमाल करें।

10. लेप्टोस्पायरोसिस और हेपेटाइटिस A/E

लेप्टोस्पायरोसिस

यह बीमारी संक्रमित जानवरों के मूत्र से दूषित पानी के संपर्क में आने से फैल सकती है। बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में इसका खतरा बढ़ जाता है।

लक्षण

  • तेज बुखार
  • मांसपेशियों में दर्द
  • सिरदर्द
  • आंखें लाल होना
  • उल्टी

हेपेटाइटिस A और E

ये जलजनित रोग हैं, जो दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलते हैं।

लक्षण

  • पीलिया
  • कमजोरी
  • भूख कम लगना
  • मतली
  • गहरे रंग का पेशाब
  • पेट में दर्द

बचाव

  • स्वच्छ पानी पिएं।
  • भोजन की स्वच्छता का ध्यान रखें।
  • व्यक्तिगत साफ-सफाई बनाए रखें।

किन लोगों को बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

कुछ लोगों में मानसून की बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं। इनमें शामिल हैं

  • छोटे बच्चे
  • बुजुर्ग
  • गर्भवती महिलाएं
  • मधुमेह के मरीज
  • हृदय रोगी
  • किडनी या लिवर के मरीज
  • कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
  • कैंसर या अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज करा रहे मरीज

यदि इन लोगों में बुखार, उल्टी, दस्त या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

बारिश के मौसम में बीमारियों से बचने के आसान तरीके

अधिकांश बरसात में होने वाली बीमारियां कुछ आसान आदतों को अपनाकर रोकी जा सकती हैं।

1. केवल साफ और सुरक्षित पानी पिएं

यदि पानी की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो उसे उबालकर या फिल्टर करके ही इस्तेमाल करें।

2. बाहर का खुला भोजन खाने से बचें

सड़क किनारे मिलने वाला खुला खाना संक्रमण का कारण बन सकता है।

3. मच्छरों से बचाव करें

  • घर के आसपास पानी जमा होने दें।
  • मच्छरदानी का उपयोग करें।
  • पूरी बांह के कपड़े पहनें।
  • मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

4. हाथों की स्वच्छता बनाए रखें

खाना खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं।

5. बारिश में भीगने के बाद कपड़े बदलें

गीले कपड़े लंबे समय तक पहनने से फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

6. घर और आसपास सफाई रखें

जलभराव और कचरा मच्छरों एवं संक्रमण को बढ़ावा देते हैं।

7. संतुलित भोजन करें

मानसून में क्या खाना चाहिए?

  • ताजा घर का बना भोजन
  • मौसमी फल
  • हरी सब्जियां (अच्छी तरह धोकर और पकाकर)
  • दालें
  • सूप
  • पर्याप्त पानी

8. पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम करें

अच्छी नींद और सक्रिय जीवनशैली शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने में मदद करती है।

बारिश के मौसम में क्या खाएं और क्या न खाएं?

क्या खाएं?

  • ताजा घर का बना भोजन
  • गर्म सूप और हल्का खाना
  • उबला या फिल्टर किया हुआ पानी
  • विटामिन C युक्त फल
  • दाल, खिचड़ी और पौष्टिक भोजन

क्या खाएं?

  • बासी भोजन
  • सड़क किनारे का खुला खाना
  • अधपका भोजन
  • बिना धोए फल और सब्जियां
  • दूषित या बिना फिल्टर का पानी

बारिश के मौसम में कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?

कुछ लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि आपको इनमें से कोई भी समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें

  • 102°F या उससे अधिक बुखार
  • बुखार 2–3 दिन से अधिक रहना
  • बार-बार उल्टी या दस्त
  • शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
  • सांस लेने में तकलीफ
  • खून की उल्टी या मल में खून
  • प्लेटलेट्स कम होना
  • तेज कमजोरी या बेहोशी
  • आंखों या त्वचा का पीला पड़ना
  • पेशाब कम आना

याद रखें: स्वयं दवा लेने के बजाय सही समय पर जांच और विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह गंभीर जटिलताओं से बचाने में मदद करती है।

बारिश के मौसम से जुड़े आम मिथक और सच्चाई

बारिश के मौसम में स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं। हालांकि, इनमें से सभी सही नहीं होतीं। आइए जानते हैं कुछ सामान्य मिथकों और उनकी सच्चाई के बारे में।

मिथक

सच्चाई

बारिश में भीगने से ही बुखार हो जाता है।

केवल भीगने से बुखार नहीं होता। बुखार आमतौर पर वायरस, बैक्टीरिया या अन्य संक्रमण के कारण होता है।

हर बुखार डेंगू होता है।

नहीं। बुखार के कई कारण हो सकते हैं, जैसे वायरल फीवर, मलेरिया, टाइफाइड या अन्य संक्रमण। सही जांच के बाद ही कारण पता चलता है।

एंटीबायोटिक लेने से हर बुखार ठीक हो जाता है।

एंटीबायोटिक केवल बैक्टीरियल संक्रमण में प्रभावी होती हैं। वायरल संक्रमण में इन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेना चाहिए।

बारिश में ठंडा पानी पीने से संक्रमण हो जाता है।

संक्रमण दूषित पानी या भोजन से होता है, पानी के ठंडा या गर्म होने से नहीं।

घर में मच्छर नहीं हैं तो डेंगू नहीं हो सकता।

डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर दिन में भी काटता है और साफ पानी में पनपता है। इसलिए घर और आसपास पानी जमा होने दें।

मुख्य बातें

  • बारिश के मौसम की आम बीमारियां मुख्य रूप से मच्छरों, दूषित पानी, अस्वच्छ भोजन और संक्रमण के कारण फैलती हैं।
  • डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर, टाइफाइड और डायरिया मानसून में सबसे अधिक देखी जाने वाली बीमारियां हैं।
  • लंबे समय तक बुखार, उल्टी, दस्त या अत्यधिक कमजोरी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
  • अधिकांश मानसून की बीमारियों से बचाव स्वच्छता, सुरक्षित भोजन, साफ पानी और मच्छरों से बचाव के जरिए किया जा सकता है।
  • समय पर जांच और सही इलाज गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

निष्कर्ष

बारिश का मौसम प्रकृति की खूबसूरती और ठंडक लेकर आता है, लेकिन इसके साथ कई बरसात में होने वाली बीमारियां भी बढ़ जाती हैं। सही जानकारी, समय पर पहचान और कुछ आसान सावधानियां अपनाकर आप और आपका परिवार इन संक्रमणों से काफी हद तक सुरक्षित रह सकते हैं।

यदि आपको लगातार बुखार, उल्टी, दस्त, शरीर में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों, तो इन्हें सामान्य मौसमी परेशानी समझकर नजरअंदाज करें। समय पर डॉक्टर से परामर्श और आवश्यक जांच करवाना ही सुरक्षित और प्रभावी इलाज की दिशा में पहला कदम है।

स्वस्थ आदतें, संतुलित आहार, साफ-सफाई और नियमित स्वास्थ्य जांच मानसून के दौरान अच्छी सेहत बनाए रखने की सबसे मजबूत नींव हैं।

FAQs

बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा कौन सी बीमारियां होती हैं?

बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर, टाइफाइड, डायरिया, फूड पॉइजनिंग, चिकनगुनिया और फंगल संक्रमण सबसे अधिक देखने को मिलते हैं। इनका खतरा दूषित पानी, मच्छरों और संक्रमण के कारण बढ़ जाता है।

मानसून में बुखार आने पर क्या करना चाहिए?

यदि बुखार 23 दिन तक बना रहे, बहुत तेज हो या उसके साथ शरीर दर्द, उल्टी या कमजोरी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक जांच करवानी चाहिए। बिना सलाह दवा लेने से बचें।

डेंगू और मलेरिया में क्या अंतर है?

डेंगू एडीज मच्छर से फैलता है और इसमें तेज बुखार, शरीर दर्द प्लेटलेट्स कम होने का खतरा रहता है। मलेरिया एनोफिलीज मच्छर से फैलता है और इसमें ठंड लगना, कंपकंपी और बार-बार बुखार आना आम लक्षण हैं।

बारिश के मौसम में क्या खाना चाहिए?

इस मौसम में ताजा घर का बना भोजन, उबला या फिल्टर किया हुआ पानी, सूप, दाल, खिचड़ी, अच्छी तरह पकी हुई सब्जियां और मौसमी फल खाना बेहतर माना जाता है।

बारिश के मौसम में क्या नहीं खाना चाहिए?

सड़क किनारे मिलने वाला खुला भोजन, बासी खाना, अधपका भोजन और बिना धोए फल या सब्जियां खाने से बचना चाहिए, क्योंकि ये संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

बच्चों को बारिश के मौसम में बीमारियों से कैसे बचाएं?

बच्चों को साफ पानी पिलाएं, पौष्टिक भोजन दें, मच्छरों से बचाव करें, गीले कपड़े तुरंत बदलें और बुखार या दस्त होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या हर बुखार में एंटीबायोटिक लेना जरूरी होता है?

नहीं। हर बुखार बैक्टीरियल संक्रमण के कारण नहीं होता। वायरल फीवर में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। सही दवा का निर्णय केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए।

बारिश के मौसम में डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

यदि तेज बुखार, लगातार उल्टी, दस्त, सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी, खून आना या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

मच्छरों से होने वाली बीमारियों से कैसे बचा जा सकता है?

घर के आसपास पानी जमा होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें, पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

क्या मानसून में हेल्थ चेकअप कराना जरूरी है?

यदि आपको बार-बार बुखार, कमजोरी, पहले से कोई पुरानी बीमारी या संक्रमण के लक्षण हैं, तो समय पर डॉक्टर से परामर्श और आवश्यक जांच कराना बेहतर रहता है।

Pragya Sharma
Content Written & Approved by
Dr. Pragya Sharma
Consultant - INTERNAL MEDICINE

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