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लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) क्या होता है? और क्यों किया जाता है?

Liver Function Test
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By Dr. Satyam Sinha in

Jan 07, 2026

हमारा लिवर (यकृत) शरीर का सबसे मेहनती अंग है। यह खून को साफ करता है, पाचन में मदद करता है, दवाइयों और ज़हर को शरीर से बाहर निकालता है और शरीर को ऊर्जा देने वाले पोषक तत्वों को प्रोसेस करता है। लेकिन समस्या यह है कि लिवर की बीमारी शुरुआती दौर में अक्सर बिना लक्षण के रहती है ऐसे में समय रहते लिवर की स्थिति जानने के लिए जो सबसे ज़रूरी जांच होती है, वह है लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)

इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) क्या होता है, क्यों किया जाता है, कब कराना चाहिए, रिपोर्ट कैसे समझें, और अगर LFT खराब आए तो क्या करेंवह भी बिल्कुल आसान, बातचीत वाली भाषा में।

लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) क्या होता है?

लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) एक ब्लड टेस्ट होता है, जिससे यह पता लगाया जाता है कि आपका लिवर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं।
इस टेस्ट में खून के ज़रिये लिवर से जुड़े कुछ खास एंजाइम, प्रोटीन और बिलिरुबिन की मात्रा मापी जाती है।

सरल शब्दों में कहें तो
LFT यह बताता है कि आपका लिवर स्वस्थ है या उसे किसी तरह का नुकसान हो रहा है।

लिवर फंक्शन टेस्ट क्यों किया जाता है?

बहुत से लोग सोचते हैं कि लिवर टेस्ट तभी ज़रूरी है जब शराब पीते हों या पीलिया हो। लेकिन सच यह है कि LFT कई कारणों से किया जाता है, जैसे:

1. लिवर की बीमारी का पता लगाने के लिए

  • फैटी लिवर
  • हेपेटाइटिस (A, B, C)
  • लिवर इंफेक्शन
  • सिरोसिस

2. पीलिया (Jaundice) की जांच के लिए

अगर आंखें या त्वचा पीली दिखने लगे, तो LFT सबसे पहली जांच होती है।

3. दवाइयों के साइड इफेक्ट देखने के लिए

कुछ दवाइयाँ लंबे समय तक लेने से लिवर पर असर डालती हैं। ऐसे में LFT से निगरानी की जाती है।

4. पहले से मौजूद लिवर बीमारी की मॉनिटरिंग

अगर किसी को पहले से लिवर की समस्या है, तो यह देखने के लिए कि इलाज काम कर रहा है या नहीं।

5. रूटीन हेल्थ चेकअप का हिस्सा

आजकल डॉक्टर सालाना हेल्थ चेकअप में भी LFT शामिल करने की सलाह देते हैं।

किन लक्षणों में लिवर फंक्शन टेस्ट कराना चाहिए?

लिवर की बीमारी के लक्षण हमेशा साफ़ नहीं होते, लेकिन नीचे दिए गए संकेतों में LFT ज़रूर कराना चाहिए:

  • बार-बार थकान महसूस होना
  • भूख कम लगना
  • उल्टी या मतली
  • पेट के दाहिने हिस्से में दर्द
  • आंखों या त्वचा का पीला पड़ना
  • पेशाब का रंग गहरा होना
  • अचानक वजन घटना या पेट में सूजन

ध्यान रखें: कई बार बिना लक्षण के भी LFT खराब हो सकता है, इसलिए समय-समय पर जांच ज़रूरी है।

लिवर फंक्शन टेस्ट में कौन-कौन से पैरामीटर होते हैं?

LFT कोई एक टेस्ट नहीं, बल्कि कई ब्लड वैल्यूज़ का समूह होता है। आइए इन्हें आसान भाषा में समझते हैं:

1. SGPT (ALT)

  • लिवर सेल्स को नुकसान होने पर बढ़ता है
  • फैटी लिवर और हेपेटाइटिस में आमतौर पर हाई होता है

2. SGOT (AST)

  • लिवर के साथ-साथ मांसपेशियों से भी जुड़ा होता है
  • शराब से लिवर खराब होने पर बढ़ सकता है

3. बिलिरुबिन

  • पीलिया का मुख्य कारण
  • ज्यादा होने पर आंखें और त्वचा पीली दिखती है

4. एल्ब्यूमिन

  • लिवर द्वारा बनने वाला प्रोटीन
  • कम होने का मतलबलिवर ठीक से प्रोटीन नहीं बना पा रहा

5. ALP और GGT

  • पित्त नली (Bile duct) से जुड़ी समस्याओं में बढ़ते हैं
  • गॉलब्लैडर और लिवर ब्लॉकेज का संकेत दे सकते हैं

लिवर फंक्शन टेस्ट की नॉर्मल रेंज क्या होती है?

नॉर्मल रेंज लैब के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है

  • SGPT (ALT): 7–56 U/L
  • SGOT (AST): 10–40 U/L
  • बिलिरुबिन: 0.1–1.2 mg/dL
  • एल्ब्यूमिन: 3.5–5.0 g/dL

अगर कोई वैल्यू थोड़ी बढ़ी हुई हो, तो घबराने की ज़रूरत नहींडॉक्टर पूरी रिपोर्ट देखकर सही सलाह देते हैं।

LFT रिपोर्ट कैसे पढ़ें?

  • हल्का SGPT बढ़ा हुआ: फैटी लिवर या दवाइयों का असर
  • बहुत ज़्यादा एंजाइम बढ़े हुए: हेपेटाइटिस या गंभीर लिवर समस्या
  • एल्ब्यूमिन कम: लंबे समय से लिवर कमजोर
  • बिलिरुबिन हाई: पीलिया या लिवर इंफेक्शन

हमेशा पूरी रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाएं, केवल एक वैल्यू देखकर निष्कर्ष निकालें।

किन बीमारियों में LFT खराब आता है?

  • फैटी लिवर
  • हेपेटाइटिस B और C
  • शराब से लिवर खराब होना
  • लिवर सिरोसिस
  • दवाइयों से लिवर डैमेज
  • डेंगू, टाइफाइड जैसी बीमारियाँ

क्या LFT नॉर्मल होने पर भी लिवर खराब हो सकता है?

हाँ, शुरुआती स्टेज में LFT नॉर्मल सकता है, खासकर फैटी लिवर में।
इसीलिए कई बार डॉक्टर अल्ट्रासाउंड या FibroScan की सलाह देते हैं।

लिवर फंक्शन टेस्ट से पहले क्या तैयारी करनी चाहिए?

  • आमतौर पर 8–10 घंटे की फास्टिंग की सलाह दी जाती है
  • पानी पी सकते हैं
  • शराब 24–48 घंटे पहले लें
  • जो भी दवाइयाँ चल रही हों, डॉक्टर को बताएं

लिवर फंक्शन टेस्ट कैसे किया जाता है?

  • हाथ की नस से थोड़ा सा खून लिया जाता है
  • 5–10 मिनट में प्रक्रिया पूरी
  • यह टेस्ट दर्दनाक होता है, जोखिम भरा

अगर LFT खराब आए तो क्या करें?

  • घबराएं नहीं
  • डॉक्टर से सलाह लें
  • ज़रूरत हो तो आगे की जांच
  • डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव
  • शराब और जंक फूड से दूरी

लिवर फंक्शन टेस्ट सुधारने के लिए डाइट और लाइफस्टाइल

  • हरी सब्ज़ियाँ और फल
  • कम तला-भुना खाना
  • शराब बिल्कुल लें
  • वजन कंट्रोल रखें
  • रोज़ हल्की एक्सरसाइज

लिवर फंक्शन टेस्ट की कीमत कितनी होती है?

भारत में LFT की कीमत आमतौर पर ₹300 से ₹800 के बीच होती है, जो लैब और शहर पर निर्भर करती है।

लिवर फंक्शन टेस्ट कितनी बार कराना चाहिए?

  • हेल्दी व्यक्ति: साल में 1 बार
  • डायबिटीज / मोटापा: 6–12 महीने में
  • शराब पीने वाले: डॉक्टर की सलाह अनुसार

LFT खराब आने पर किस डॉक्टर को दिखाएं?

  • फिजिशियन
  • गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट
  • हेपेटोलॉजिस्ट

निष्कर्ष

लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) लिवर की सेहत जानने का सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका है।
लक्षण हों या न हों, समय पर LFT कराना आपको बड़ी लिवर बीमारी से बचा सकता है।
आज की बदलती लाइफस्टाइल, अनियमित खान-पान और बढ़ते तनाव के कारण लिवर से जुड़ी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में रूटीन हेल्थ चेकअप में LFT को शामिल करना बेहद ज़रूरी हो गया है।
याद रखें, लिवर की सही समय पर जांच और सही देखभाल ही लंबे समय तक स्वस्थ जीवन की कुंजी है।

FAQs

SGPT कितना होना चाहिए?

आमतौर पर 7–56 U/L को नॉर्मल माना जाता है, लेकिन लैब के अनुसार थोड़ा फर्क हो सकता है।

क्या फैटी लिवर LFT से पता चलता है?

अक्सर SGPT बढ़ा हुआ मिलता है, लेकिन पुष्टि के लिए अल्ट्रासाउंड ज़रूरी होता है।

क्या LFT के लिए फास्टिंग ज़रूरी है?

हाँ, सही रिपोर्ट के लिए 8–10 घंटे की फास्टिंग बेहतर रहती है।

क्या LFT बिना लक्षण के भी खराब हो सकता है?

हाँ, शुरुआती लिवर बीमारी में लक्षण नहीं होते लेकिन LFT बिगड़ सकता है।

LFT रिपोर्ट कितने समय में नॉर्मल हो सकती है?

कारण पर निर्भर करता हैडाइट और इलाज से कुछ हफ्तों में सुधार हो सकता है।

क्या तनाव से LFT बढ़ सकता है?

सीधे नहीं, लेकिन तनाव लाइफस्टाइल बिगाड़कर असर डाल सकता है।

क्या शराब छोड़ने से LFT ठीक हो सकता है?

हाँ, शुरुआती स्टेज में शराब छोड़ने से लिवर काफी हद तक ठीक हो सकता है।

क्या LFT दर्दनाक होता है?

नहीं, यह एक सामान्य ब्लड टेस्ट है।

क्या LFT से लिवर कैंसर पता चलता है?

सीधे नहीं, लेकिन संकेत मिल सकते हैंआगे की जांच ज़रूरी होती है।

LFT कितनी बार कराना चाहिए?

डॉक्टर की सलाह अनुसार, आमतौर पर साल में एक बार।

Satyam Sinha
Approved By
Dr. Satyam Sinha
Head Of Department - GASTROENTEROLOGY
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