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मलेरिया: लक्षण, कारण, बचाव और इलाज की पूरी जानकार

मलेरिया: लक्षण, कारण, बचाव और इलाज की पूरी जानकार
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By Dr. Abhay Jain in Internal Medicine

Jul 14, 2025

मलेरिया कैसे होता है?” Malaria kaise hota hai
मलेरिया के लक्षण क्या हैं?” Malaria ke lakshan kya hai
मलेरिया का इलाज और बचाव कैसे करें?”Malaria ka ilaaj aur bachav

बरसात के मौसम में एक बुखार सबसे ज़्यादा सुनने को मिलता हैमलेरिया यह बीमारी जितनी आम है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है अगर समय पर इलाज किया जाए। आइए जानते हैं मलेरिया क्या है, कैसे होता है, इसके लक्षण, इलाज और बचाव के असरदार तरीके

मलेरिया क्या होता है? Malaria Kya Hota Hai

मलेरिया एक संक्रामक रोग है जो Plasmodium परजीवी के कारण होता है। यह परजीवी इंसान में तब प्रवेश करता है जब संक्रमित एनाफिलीज मच्छर काटता है। मलेरिया से शरीर का तापमान तेज़ी से बढ़ता है और इसमें कंपकंपी, पसीना और कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं।

मलेरिया कितने दिन रहता है?

सामान्य तौर पर मलेरिया का असर 7 से 14 दिन तक रह सकता है, लेकिन समय पर इलाज ज़रूरी है।

मलेरिया के लक्षण (Malaria ke Lakshan)

मलेरिया की पहचान कैसे करें?

मलेरिया के लक्षण शुरुआत में आम वायरल बुखार जैसे लगते हैं, लेकिन ये धीरे-धीरे गंभीर हो सकते हैं:

  • तेज बुखार (अक्सर ठंड लगने के बाद)
  • कंपकंपी और पसीना
  • सिरदर्द
  • उल्टी या मतली
  • मांसपेशियों में दर्द
  • प्लेटलेट्स की कमी
  • थकान और कमजोरी
  • भूख लगना
  • डायरिया या पेट में दर्द (कुछ मामलों में)

मलेरिया में क्या होता है?

शरीर का तापमान अचानक बढ़ता है, ठंड लगती है, और पसीना आता है।

मलेरिया कैसे फैलता है? (Malaria ke kaaran)

मलेरिया कैसे होता है?

मलेरिया का कारण होता है Plasmodium परजीवी, जो मादा एनाफिलीज मच्छर के ज़रिए इंसान के खून में प्रवेश करता है। ये मच्छर गंदगी, रुके हुए पानी और नमी वाले इलाकों में पनपते हैं।

भारत में मलेरिया के चार प्रमुख प्रकार होते हैं:

  1. Plasmodium vivax (सबसे आम)
  2. Plasmodium falciparum (सबसे खतरनाक)
  3. Plasmodium malariae
  4. Plasmodium ovale

मलेरिया के कीटाणु कौन से होते हैं?

प्लाज्मोडियम परजीवी जो संक्रमित मच्छर से फैलते हैं।

मलेरिया की जांच कैसे होती है? Malaria ki Jaanch kaise hoti hai

मलेरिया टेस्ट कैसे होता है?

मलेरिया की पुष्टि के लिए निम्न टेस्ट कराए जाते हैं:

  • ब्लड स्मीयर टेस्ट (रक्त की परत की जांच)
  • मलेरिया रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT)
  • CBC टेस्ट (प्लेटलेट काउंट देखने के लिए)

मलेरिया की जांच कहां कराएं?

Paras Health जैसे अस्पतालों में आप मलेरिया टेस्ट और इलाज की पूरी सुविधा पा सकते हैं।

मलेरिया का इलाज (Malaria ka upchaar)

मलेरिया का इलाज कितने दिन चलता है?

इलाज की अवधि परजीवी के प्रकार और मरीज की स्थिति पर निर्भर करती है। डॉक्टर निम्न दवाइयों का सुझाव दे सकते हैं:

  • क्लोरोक्वीन
  • आर्टेमिसिनिन कॉम्बिनेशन थेरेपी (ACT)
  • प्राइमाक्वीन (Plasmodium vivax के लिए)

गंभीर मामलों में मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती करने की ज़रूरत पड़ सकती है।

क्या मलेरिया जानलेवा है?

अगर इलाज हो, तो हांविशेषकर प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम संक्रमण जानलेवा हो सकता है।

मलेरिया का घरेलू इलाज (Malaria ka gharelu upaaye)

मलेरिया का इलाज घर पर कैसे करें?

ध्यान रखें कि घरेलू उपाय इलाज का विकल्प नहीं हैं, लेकिन रिकवरी में सहायक हो सकते हैं:

  • खूब पानी पिएंशरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद मिलती है।
  • नारियल पानी, नींबू पानी और ORS से हाइड्रेशन बनाए रखें।
  • हल्का, सुपाच्य भोजन लेंजैसे दलिया, खिचड़ी, सब्ज़ी रोटी।
  • तुलसी और अदरक की चायइम्युनिटी के लिए लाभदायक।

मलेरिया में क्या खाना चाहिए?

हल्का, पौष्टिक और तरल आहार लेना चाहिए।

मलेरिया से बचाव के तरीके (Malaria se Bachav ke tarike)

मलेरिया से कैसे बचें?

मलेरिया से बचने के प्रभावी उपाय:

  • सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
  • घर में मच्छर रोधी दवा का छिड़काव करें।
  • पानी जमा होने देंकूलर, टंकी, गमलों की नियमित सफाई करें।
  • पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
  • खिड़कियों और दरवाज़ों पर जाली लगवाएं।
  • मलेरिया का टीका अभी व्यावसायिक रूप से उपलब्ध नहीं है, इसलिए सतर्क रहना ही बचाव है।

मलेरिया से कैसे बचाव करें?

मच्छरों से बचें, साफ-सफाई रखें, और हर हफ्ते रुके पानी की सफाई करें।

डेंगू और मलेरिया में फर्क (Dengue vs Malaria)

बिंदु

मलेरिया

डेंगू

कारण

प्लास्मोडियम परजीवी

डेंगू वायरस

फैलने का तरीका

एनाफिलीज मच्छर

एडीज एजिप्टी मच्छर

प्लेटलेट्स गिरना

कुछ मामलों में

बहुत सामान्य

लक्षण

बुखार, कंपकंपी, पसीना

तेज बुखार, बदन दर्द, रैशेज

डेंगू और मलेरिया में क्या अंतर है?

डेंगू वायरस से होता है, मलेरिया परजीवी से। प्लेटलेट्स दोनों में गिर सकते हैं।

कब डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है? Doctor se Kab Mile

मलेरिया में डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

  • 3 दिन से ज़्यादा बुखार हो तो
  • प्लेटलेट्स बहुत कम हो रहे हों
  • उल्टी या बेहोशी महसूस हो
  • पहले से कोई बीमारी (जैसे डायबिटीज, किडनी रोग) हो

तुरंत जांच के लिए डॉक्टर से संपर्क करें: 8080808069 (Paras Health)

निष्कर्ष (Conclusion)

मलेरिया एक जानलेवा लेकिन रोके जाने वाला रोग है। अगर आप इसके लक्षण पहचान लें, समय पर जांच करवा लें और इलाज शुरू कर दें, तो इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

साफ-सफाई, समय पर जांच, और सही इलाज ही मलेरिया से बचाव और उपचार की कुंजी है।

मलेरिया टेस्ट या डॉक्टर से परामर्श के लिए संपर्क करें: 8080808069

Dr. Abhay Jain
Senior Consultant • INTERNAL MEDICINE

Dr. Abhay Jain is a highly experienced Senior Consultant in Internal Medicine at Paras Health, Udaipur, with an MD in Internal Medicine from R.N.T. Medical College. With over two decades of clinical excellence, he is known for accurate diagnosis and effective treatment of chronic diseases, infections, and lifestyle disorders. Trusted by patients across Udaipur, Dr. Jain offers compassionate care and comprehensive internal medicine services. Book an appointment with one of the best internal medicine doctors in Udaipur today.

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