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डॉ. रवि कुमार गुप्ता

डॉ. रवि कुमार गुप्ता

अध्यक्ष - हड्डी रोग विज्ञान

MS,MNAMS,FRCS,FAMS(Glasg),FACS,FIMSA

पारस हेल्थ पंचकूला

डॉ. रवि कुमार गुप्ता के बारे में

33 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ, डॉ. रवि कुमार गुप्ता जॉइंट रिप्लेसमेंट, आर्थ्रोस्कोपी और ऑर्थोपेडिक्स के क्षेत्र में उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन और एक चिकित्सा शिक्षक हैं। उन्होंने ऑस्ट्रिया के इन्सब्रुक विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क के हॉस्पिटल फॉर स्पेशल सर्जरी और अमेरिका के डार्टमाउथ मेडिकल स्कूल में जॉइंट रिप्लेसमेंट, ट्रॉमा और स्पोर्ट्स मेडिसिन में अपने कौशल को निखारा। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की एडिलेड विश्वविद्यालय के क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में हैंड सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल की। वे जापान के ओसाका विश्वविद्यालय, क्योटो विश्वविद्यालय और नागोया विश्वविद्यालय में आमंत्रित विजिटिंग प्रोफेसर रहे। 

डॉ. गुप्ता को अमेरिका के मेयो क्लिनिक रोचेस्टर में विजिटिंग प्रोफेसर होने का भी सम्मान प्राप्त है। ऑर्थोपेडिक्स में उनके विशाल अनुभव और उत्कृष्टता के आधार पर, उन्हें रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स ग्लासगो (एफआरसीएस) और अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स (एफएसीएस) द्वारा फेलोशिप के सम्मान से नवाजा गया। उन्हें नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज इंडिया (एफएएमएस) की फेलोशिप से भी सम्मानित किया गया। डॉ. गुप्ता पाकिस्तान, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया सहित सीमा पार के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटरों और कई बॉलीवुड सितारों के पसंदीदा सर्जन हैं।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक मोर्चे पर, डॉ. गुप्ता ने प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में 220 शोध पत्र प्रकाशित किए हैं और उनके नाम पर एक पेटेंट भी है। डॉ. गुप्ता ने नई शल्य चिकित्सा तकनीकों का आविष्कार किया है जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं द्वारा मान्यता और स्वीकृति प्राप्त हुई है। डॉ. गुप्ता भारत में घुटने और कूल्हे के प्रतिस्थापन सर्जरी तथा घुटने और कंधे की आर्थ्रोस्कोपी स्थापित करने वाले अग्रदूतों में से एक थे। डॉ. गुप्ता ने एक आमंत्रित वक्ता के रूप में भारत, जापान, वेस्ट इंडीज, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका, इटली, जर्मनी और थाईलैंड में 400 से अधिक व्याख्यान दिए हैं। डॉ. गुप्ता को ऑर्थोपेडिक सर्जरी में उत्कृष्टता के लिए सरकार द्वारा राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

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अगर आपकी कमर से लेकर पैर तक तेज़ दर्द जाता है, चलने-फिरने में दिक्कत होती है या टांग में सुन्नपन महसूस होता है—तो यह सिर्फ आम पीठ दर्द नहीं, बल्कि सायटिका (Sciatica) का संकेत हो सकता है।
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घुटने का दर्द आज के समय में बहुत आम समस्या बन गई है। चाहे उम्र ज़्यादा हो या कम, पुरुष हों या महिलाएँ—घुटनों में दर्द किसी को भी हो सकता है। कुछ लोगों को चलने पर घुटने में दर्द होता है, तो कुछ को सीढ़ियाँ चढ़ते समय, बैठने से उठते समय या रात में घुटने का दर्द परेशान करता है।
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गठिया, जिसे आम भाषा में जोड़ों का दर्द कहा जाता है, भारत में करोड़ों लोगों को प्रभावित करने वाला एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। यह किसी भी जोड़—जैसे घुटने, कंधे, हाथ, कलाई, उंगलियाँ, कूल्हे, टखने—में हो सकता है। बहुत से लोग इसे केवल “उम्र बढ़ने की समस्या” मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जबकि असल में गठिया समय पर इलाज न मिले तो जोड़ों को स्थायी रूप से नुकसान पहुँचा सकता है।
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कमर दर्द या पीठ के निचले हिस्से में दर्द (Lower Back Pain) आजकल एक बेहद आम लेकिन परेशान कर देने वाली समस्या बन चुकी है। यह दर्द कुछ घंटों से लेकर कई हफ्तों तक बना रह सकता है और व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों में बाधा डाल सकता है। यह मांसपेशियों की कमजोरी, स्लिप डिस्क, साइटिका या रीढ़ की हड्डी की अन्य समस्याओं के कारण हो सकता है।
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