आपातकालीन 9091790917
Chat with us on WhatsApp
डॉ. कुमार स्वप्निल + ENDOCRINOLOGY + पटना

डॉ. कुमार स्वप्निल

सहयोगी सलाहकार - अंतःस्रावविज्ञान

MBBS, MD- चिकित्सा, DNB- चिकित्सा, DM - एंडोक्रिनोलॉजी

पारस एचएमआरआई पटना

डॉ. कुमार स्वप्निल के बारे में

डॉ. कुमार स्वप्निल पारस एचएमआरआई, पटना में एंडोक्रिनोलॉजी के एसोसिएट कंसल्टेंट हैं। उन्होंने अपनी एमबीबीएस (एमसीके) मेडिकल कॉलेज, कोलकाता से पूरी की, इसके बाद पीएमसीएच, पटना से एमडी और जनरल मेडिसिन में डीएनबी (2020) किया। उन्होंने आगे एनआरएसएमसीएच, कोलकाता से एंडोक्रिनोलॉजी में डीएम की पढ़ाई की। वे मधुमेह, थायरॉइड विकारों और अन्य हार्मोनल स्थितियों के प्रबंधन में विशेषज्ञ हैं।

ओपीडी अनुसूची:

सोम - शनि 
प्रातः 9:00 बजे - शाम 5:00 बजे

समय चुनें

पसंदीदा स्लॉट उपलब्ध नहीं है? यहाँ क्लिक करें तुरंत कॉल बैक प्राप्त करें!

दोपहर के स्लॉट

वेल्नेस ब्लॉग

एस्ट्रोजन एक महिला हार्मोन है जो शरीर के विकास, प्रजनन स्वास्थ्य और हड्डियों की मजबूती में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और शरीर में कई बदलाव दिखाई देते हैं।
और पढ़ें
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव (Stress) एक आम समस्या बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो यह शरीर में एक खास हार्मोन को बढ़ा देता है — कोर्टिसोल (Cortisol)।
और पढ़ें
डायबिटीज आज भारत की सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुकी है। ज्यादातर लोग अपनी शुगर जांचने के लिए फास्टिंग शुगर या पीपी शुगर करवाते हैं, लेकिन ये टेस्ट आपकी सिर्फ उस दिन की शुगर बताते हैं।
और पढ़ें
थायरॉयड असंतुलन आज भारत में तेजी से बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। यह समस्या महिलाओं में ज़्यादा देखी जाती है, लेकिन पुरुषों और बच्चों में भी बढ़ती जा रही है। थायरॉयड एक छोटी-सी तितली जैसी ग्रंथि है, जो गर्दन के सामने मौजूद होती है। यह शरीर के सबसे ज़रूरी हार्मोन्स—T3, T4 और TSH—का निर्माण करती है।
और पढ़ें
हमारे शरीर की हर छोटी-बड़ी क्रिया—साँस लेना, खून का बहना, खाना पचना, दिल की धड़कन, ऊर्जा का बनना, वजन बढ़ना या कम होना—सब एक ही प्रक्रिया से नियंत्रित होती है, और वह है चयापचय (Metabolism / मेटाबॉलिज़्म)। यह शरीर का वह इंजन है जो लगातार चलता रहता है और हमें जीवित रखता है।
और पढ़ें
हमारा शरीर एक सटीक मशीन की तरह काम करता है, और इस मशीन को सुचारू रूप से चलाने में हॉर्मोन्स (Hormones) का सबसे बड़ा योगदान होता है। हॉर्मोन वास्तव में ऐसे “केमिकल मैसेंजर्स” होते हैं जो शरीर के विभिन्न अंगों और कोशिकाओं को निर्देश देते हैं
और पढ़ें
सभी ब्लॉग देखें
कॉल बैक का अनुरोध करें
कॉल बैक का अनुरोध करें
जो आप ढूंढ रहे थे वह नहीं मिला?

हमारे स्वास्थ्य सलाहकार से कॉल बैक प्राप्त करें