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असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव: कारण, लक्षण और इलाज

असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव
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By Dr. Vandana Mittal in Obstetrics & Gynaecology

Jun 18, 2026

महिलाओं के लिए मासिक धर्म (पीरियड्स) जीवन का एक सामान्य हिस्सा है। लेकिन जब पीरियड्स का पैटर्न बदलने लगे, खून सामान्य से अधिक आने लगे, पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग होने लगे या रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद भी रक्तस्राव दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह स्थिति असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव (Abnormal Uterine Bleeding - AUB) कहलाती है।

कई महिलाएं इसे सामान्य हार्मोनल बदलाव समझकर अनदेखा कर देती हैं, जबकि कुछ मामलों में यह हार्मोनल असंतुलन, पीसीओएस, गर्भाशय फाइब्रॉइड, एंडोमेट्रियल पॉलीप, थायरॉयड विकार, या यहां तक कि गर्भाशय कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव क्या है, इसके कारण, लक्षण, जांच और इलाज क्या हैं।

असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव क्या है?

जब मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव की मात्रा, अवधि या समय सामान्य से अलग हो जाए, तो उसे असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव कहा जाता है।

इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • अत्यधिक मासिक रक्तस्राव (Heavy Menstrual Bleeding)
  • बार-बार पीरियड्स आना
  • पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग या स्पॉटिंग
  • लंबे समय तक पीरियड्स चलना
  • रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव
  • अनियमित मासिक धर्म

यदि आपको हर घंटे पैड बदलने की जरूरत पड़ रही है या रक्तस्राव आपकी दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है, तो यह सामान्य नहीं माना जाता।

सामान्य और असामान्य पीरियड्स में अंतर

एक सामान्य मासिक धर्म चक्र आमतौर पर 21 से 35 दिनों के बीच होता है और रक्तस्राव 2 से 7 दिनों तक चलता है।

असामान्य स्थिति तब मानी जाती है जब:

  • पीरियड्स बहुत जल्दी या बहुत देर से आएं
  • खून अत्यधिक मात्रा में आए
  • बड़े-बड़े खून के थक्के निकलें
  • पीरियड्स के बीच रक्तस्राव हो
  • रजोनिवृत्ति के बाद ब्लीडिंग हो

असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव के प्रमुख कारण

1. हार्मोनल असंतुलन

महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करते हैं।

जब इन हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ता है, तो गर्भाशय की अंदरूनी परत (Endometrium) असामान्य रूप से मोटी हो सकती है, जिससे अधिक रक्तस्राव हो सकता है।

2. पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम)

पीसीओएस और अनियमित पीरियड्स का गहरा संबंध है।

पीसीओएस में:

  • ओव्यूलेशन नियमित नहीं होता
  • हार्मोनल बदलाव होते हैं
  • पीरियड्स देर से आते हैं
  • कभी-कभी बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती है

3. गर्भाशय फाइब्रॉइड

गर्भाशय फाइब्रॉइड गर्भाशय में बनने वाली गैर-कैंसरयुक्त गांठें होती हैं।

इनके कारण:

  • अत्यधिक मासिक रक्तस्राव
  • लंबे समय तक पीरियड्स
  • पेट में दबाव
  • बार-बार पेशाब आने की समस्या

हो सकती है।

4. एंडोमेट्रियल पॉलीप

गर्भाशय की अंदरूनी परत में बनने वाली छोटी वृद्धि को पॉलीप कहा जाता है।

यह कारण बन सकता है:

  • पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग
  • अनियमित रक्तस्राव
  • रजोनिवृत्ति के बाद ब्लीडिंग

5. एडेनोमायोसिस और एंडोमेट्रियोसिस

इन दोनों स्थितियों में महिलाओं को:

  • दर्दनाक पीरियड्स
  • अत्यधिक रक्तस्राव
  • पेल्विक दर्द

जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

6. थायरॉयड विकार

कम या अधिक सक्रिय थायरॉयड ग्रंथि भी अनियमित मासिक धर्म और असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव का कारण बन सकती है।

7. गर्भावस्था से जुड़ी समस्याएं

गर्भावस्था के दौरान होने वाला रक्तस्राव कई कारणों से हो सकता है:

  • गर्भपात
  • एक्टोपिक प्रेग्नेंसी
  • प्लेसेंटा संबंधी समस्याएं

इस स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।

8. कैंसर या कैंसर-पूर्व बदलाव

कुछ मामलों में गर्भाशय कैंसर या सर्वाइकल कैंसर भी असामान्य रक्तस्राव का कारण हो सकते हैं।

विशेष रूप से यदि:

  • रजोनिवृत्ति के बाद ब्लीडिंग हो
  • बार-बार असामान्य रक्तस्राव हो

तो जांच कराना बेहद जरूरी है।

असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव के लक्षण

निम्नलिखित संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए:

प्रमुख लक्षण

  • पीरियड्स में ज्यादा खून आना
  • हर 1-2 घंटे में पैड बदलना
  • खून के बड़े थक्के निकलना
  • पीरियड्स के बीच स्पॉटिंग
  • बार-बार पीरियड्स आना
  • लंबे समय तक रक्तस्राव
  • संभोग के बाद रक्तस्राव
  • रजोनिवृत्ति के बाद ब्लीडिंग

एनीमिया के लक्षण

लगातार रक्तस्राव के कारण शरीर में आयरन की कमी हो सकती है।

इसके परिणामस्वरूप:

  • कमजोरी
  • थकान
  • चक्कर आना
  • सांस फूलना
  • दिल की धड़कन तेज होना

जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

किन महिलाओं में जोखिम अधिक होता है?

निम्न महिलाओं में असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव का खतरा अधिक हो सकता है:

  • किशोरावस्था की लड़कियां
  • पीसीओएस से पीड़ित महिलाएं
  • मोटापे से ग्रस्त महिलाएं
  • थायरॉयड रोगी
  • 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं
  • रजोनिवृत्ति के करीब पहुंच रही महिलाएं
  • पारिवारिक इतिहास वाली महिलाएं

असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव की जांच कैसे की जाती है?

सही कारण जानने के लिए डॉक्टर निम्न जांचें कर सकते हैं:

रक्त जांच

  • हीमोग्लोबिन
  • आयरन स्तर
  • हार्मोन जांच
  • थायरॉयड प्रोफाइल

इमेजिंग जांच

  • पेल्विक अल्ट्रासाउंड
  • ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड

उन्नत जांच

हिस्टेरोस्कोपी

एक विशेष कैमरे की मदद से गर्भाशय के अंदर की जांच की जाती है।

एंडोमेट्रियल बायोप्सी

गर्भाशय की परत से छोटा नमूना लेकर जांच की जाती है।

असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव का इलाज

इलाज हमेशा कारण पर निर्भर करता है।

1. दवाओं द्वारा उपचार

  • हार्मोनल थेरेपी
  • गर्भनिरोधक गोलियां
  • प्रोजेस्टेरोन उपचार
  • रक्तस्राव कम करने वाली दवाएं
  • आयरन सप्लीमेंट

2. जीवनशैली में बदलाव

कई मामलों में जीवनशैली सुधार भी मदद कर सकता है:

  • स्वस्थ वजन बनाए रखें
  • नियमित व्यायाम करें
  • संतुलित आहार लें
  • तनाव कम करें
  • पर्याप्त नींद लें

3. न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रियाएं

हिस्टेरोस्कोपी

पॉलीप या अन्य असामान्यताओं को हटाने के लिए।

एंडोमेट्रियल एब्लेशन

गर्भाशय की अंदरूनी परत को नियंत्रित तरीके से हटाकर रक्तस्राव कम किया जाता है।

4. सर्जिकल उपचार

यदि समस्या गंभीर हो या अन्य उपचार प्रभावी हों, तो:

  • फाइब्रॉइड हटाने की सर्जरी (Myomectomy)
  • गर्भाशय निकालने की सर्जरी (Hysterectomy)

की आवश्यकता पड़ सकती है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि आपको निम्न स्थितियां दिखाई दें तो देरी करें:

  • एक घंटे में एक से अधिक पैड पूरी तरह भीग जाना
  • अचानक बहुत ज्यादा रक्तस्राव
  • चक्कर या बेहोशी
  • गर्भावस्था में रक्तस्राव
  • रजोनिवृत्ति के बाद ब्लीडिंग
  • लगातार कई महीनों तक अनियमित रक्तस्राव

प्रमुख तथ्य

  • असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव स्वयं कोई बीमारी नहीं बल्कि एक लक्षण है।
  • लगातार अत्यधिक रक्तस्राव एनीमिया का कारण बन सकता है।
  • पीसीओएस, फाइब्रॉइड और हार्मोनल असंतुलन इसके सबसे सामान्य कारणों में शामिल हैं।
  • रजोनिवृत्ति के बाद होने वाली किसी भी ब्लीडिंग को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
  • समय पर जांच और इलाज से अधिकांश मामलों का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया जा सकता है।

निष्कर्ष

असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव एक ऐसी समस्या है जिसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चाहे कारण हार्मोनल असंतुलन, पीसीओएस, गर्भाशय फाइब्रॉइड, थायरॉयड विकार या कोई अन्य स्त्री रोग संबंधी समस्या हो, समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। यदि आपको पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग, अत्यधिक मासिक रक्तस्राव, अनियमित पीरियड्स या रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना सबसे सुरक्षित और सही कदम है।

FAQs

असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव क्या होता है?

जब पीरियड्स का समय, अवधि या रक्तस्राव की मात्रा सामान्य से अलग हो जाए, तो इसे असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव कहा जाता है।

पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग क्यों होती है?

यह हार्मोनल असंतुलन, पॉलीप, फाइब्रॉइड, पीसीओएस या संक्रमण के कारण हो सकती है। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

क्या पीसीओएस से ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है?

हाँ। पीसीओएस में हार्मोनल बदलाव के कारण पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और कई बार अत्यधिक रक्तस्राव भी हो सकता है।

भारी पीरियड्स कब चिंता का विषय होते हैं?

यदि हर घंटे पैड बदलना पड़े, बड़े थक्के निकलें या दैनिक जीवन प्रभावित होने लगे, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

क्या असामान्य रक्तस्राव कैंसर का संकेत हो सकता है?

कुछ मामलों में यह गर्भाशय या सर्वाइकल कैंसर का संकेत हो सकता है, विशेषकर रजोनिवृत्ति के बाद होने वाले रक्तस्राव में।

क्या बिना सर्जरी के इलाज संभव है?

हाँ। कई मामलों में दवाओं, हार्मोनल थेरेपी और जीवनशैली में बदलाव से समस्या नियंत्रित की जा सकती है।

रजोनिवृत्ति के बाद ब्लीडिंग क्यों खतरनाक मानी जाती है?

क्योंकि यह गर्भाशय की गंभीर समस्याओं या कैंसर का संकेत हो सकती है और इसकी जांच आवश्यक होती है।

क्या थायरॉयड की समस्या से भी अनियमित रक्तस्राव हो सकता है?

हाँ। थायरॉयड हार्मोन मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करते हैं और असामान्य ब्लीडिंग का कारण बन सकते हैं।

क्या असामान्य रक्तस्राव से एनीमिया हो सकता है?

हाँ। लंबे समय तक अधिक रक्तस्राव होने पर शरीर में आयरन की कमी और एनीमिया विकसित हो सकता है।

क्या जीवनशैली में बदलाव से इस समस्या को कम किया जा सकता है?

यदि कारण हार्मोनल असंतुलन, मोटापा या पीसीओएस हो, तो स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से काफी लाभ मिल सकता है।

Vandana Mittal
Content Written & Approved by
Dr. Vandana Mittal
Senior Consultant - OBSTETRICS AND GYNAECOLOGY

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