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मासिक धर्म में देरी क्यों होती है? कारण और समाधान

मासिक धर्म में देरी क्यों होती है
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By Dr. Vinita Pandey in Obstetrics & Gynaecology

Jan 17, 2026

मासिक धर्म यानी पीरियड महिलाओं के शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। लेकिन जब पीरियड समय पर आए और कुछ दिन या हफ्तों की देरी हो जाए, तो चिंता होना स्वाभाविक है।
अक्सर महिलाओं के मन में सवाल आते हैंपीरियड क्यों लेट हो गए?, क्या यह प्रेग्नेंसी का संकेत है?, क्या कोई बीमारी तो नहीं?

इस ब्लॉग में हम आसान भाषा में समझेंगे कि मासिक धर्म में देरी क्यों होती है, इसके आम कारण, लक्षण, घरेलू उपाय, और कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए

मासिक धर्म क्या है?

मासिक धर्म (पीरियड या माहवारी) हर महीने होने वाली वह प्रक्रिया है, जिसमें गर्भ ठहरने पर गर्भाशय की परत शरीर से बाहर निकल जाती है।
आमतौर पर मासिक चक्र 21 से 35 दिनों का होता है और पीरियड 3 से 7 दिन तक चल सकता है।

हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए चक्र की अवधि भी थोड़ी अलग हो सकती है।

पीरियड कितने दिन लेट होना सामान्य है?

अक्सर पूछा जाता है:
पीरियड कितने दिन लेट होना ठीक है?

  • 2–5 दिन की देरी: सामान्य मानी जाती है
  • 7 दिन तक की देरी: कई बार हो सकती है
  • 10–15 दिन या उससे ज्यादा: ध्यान देने की जरूरत

अगर पीरियड बार-बार लेट हो रहे हैं, तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

मासिक धर्म में देरी होने के मुख्य कारण

1. तनाव (Stress)

तनाव मासिक धर्म में देरी का सबसे आम कारण है।
काम का दबाव, मानसिक चिंता, पारिवारिक समस्याएँ या नींद की कमी सीधे हार्मोन पर असर डालती हैं।

तनाव के कारण ओव्यूलेशन लेट हो जाता है और इसी वजह से पीरियड भी लेट आता है।

2. गर्भावस्था (प्रेग्नेंसी)

अगर आपने असुरक्षित संबंध बनाए हैं और पीरियड लेट है, तो प्रेग्नेंसी की संभावना हो सकती है।

  • पीरियड लेट होना प्रेग्नेंसी का पहला संकेत हो सकता है
  • अगर टेस्ट नेगेटिव आए, तो 5–7 दिन बाद दोबारा जांच करें

3. हार्मोनल असंतुलन

हार्मोन मासिक चक्र को नियंत्रित करते हैं। इनमें गड़बड़ी होने पर पीरियड अनियमित हो जाते हैं।

हार्मोन असंतुलन के लक्षण:

  • पीरियड देर से आना
  • वजन बढ़ना या घटना
  • मुंहासे
  • मूड स्विंग्स

4. पीसीओडी (PCOD)

पीसीओडी महिलाओं में पीरियड देर से आने का एक बहुत सामान्य कारण है।

पीसीओडी में:

  • पीरियड अनियमित हो जाते हैं
  • कभी-कभी महीनों तक नहीं आते
  • वजन बढ़ना और चेहरे पर बाल बढ़ना भी हो सकता है

5. वजन का अचानक बढ़ना या घटना

बहुत जल्दी वजन कम करना या बढ़ाना शरीर के हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है।

  • अत्यधिक डाइटिंग
  • क्रैश डाइट
  • मोटापा

इन सबका असर मासिक धर्म पर पड़ता है।

6. ज़्यादा एक्सरसाइज़

बहुत ज़्यादा मेहनत वाली एक्सरसाइज़, खासकर जब शरीर को पर्याप्त पोषण मिले, तो पीरियड लेट या बंद भी हो सकते हैं।

7. थायरॉइड की समस्या

थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन भी पीरियड देर से आने का कारण बन सकता है।

इसके साथ ये लक्षण दिख सकते हैं:

  • थकान
  • बाल झड़ना
  • वजन में बदलाव

8. बीमारी या संक्रमण

बुखार, वायरल, या किसी संक्रमण के बाद भी उस महीने पीरियड लेट हो सकता है।
अधिकतर मामलों में शरीर ठीक होते ही चक्र सामान्य हो जाता है।

9. दवाइयों का असर

कुछ दवाइयाँ जैसे:

  • इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्शन
  • हार्मोनल दवाइयाँ
  • कुछ मानसिक रोगों की दवाइयाँ

पीरियड में देरी कर सकती हैं।

पीरियड लेट होने पर दिखने वाले लक्षण

  • पेट या कमर में दर्द
  • पेट फूलना
  • सफेद डिस्चार्ज
  • चक्कर आना
  • मूड बदलना
  • स्तनों में भारीपन

कई बार ये वही लक्षण होते हैं जो पीरियड से पहले भी होते हैं।

पीरियड लाने के घरेलू उपाय

अगर देरी हल्की है, तो ये उपाय मदद कर सकते हैं:

  • तनाव कम करें
  • संतुलित भोजन लें
  • पर्याप्त नींद लें
  • हल्की एक्सरसाइज़ या योग करें
  • शरीर को हाइड्रेट रखें

बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा या नुस्खा लें।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

इन स्थितियों में डॉक्टर से मिलना जरूरी है:

  • पीरियड 15 दिन से ज्यादा लेट हो
  • बार-बार पीरियड अनियमित हों
  • बहुत ज्यादा दर्द या ब्लीडिंग हो
  • प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव हो लेकिन पीरियड आए

पीरियड की जांच कैसे होती है?

डॉक्टर ज़रूरत अनुसार:

  • प्रेग्नेंसी टेस्ट
  • ब्लड टेस्ट
  • थायरॉइड टेस्ट
  • अल्ट्रासाउंड

की सलाह दे सकते हैं।

पीरियड को नियमित रखने के उपाय

  • तनाव से दूरी
  • हेल्दी डाइट
  • नियमित दिनचर्या
  • वजन संतुलन
  • पीरियड ट्रैक करना

निष्कर्ष

मासिक धर्म में कभी-कभी देरी होना सामान्य है, लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अपने शरीर के संकेतों को समझना और सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना महिला स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।

FAQs

पीरियड क्यों लेट हो जाते हैं?

तनाव, हार्मोनल बदलाव, प्रेग्नेंसी या पीसीओडी के कारण पीरियड लेट हो सकते हैं।

पीरियड कितने दिन लेट होना ठीक है?

5–7 दिन की देरी सामान्य मानी जाती है, उससे ज्यादा पर जांच जरूरी है।

पीरियड नहीं आए तो क्या करें?

पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट करें और फिर डॉक्टर से सलाह लें।

क्या तनाव से पीरियड रुक जाते हैं?

हाँ, तनाव हार्मोन को प्रभावित कर पीरियड में देरी कर सकता है।

पीसीओडी में पीरियड कैसे होते हैं?

पीसीओडी में पीरियड अनियमित और देर से आते हैं।

पीरियड लेट और प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव हो तो क्या करें?

5–7 दिन बाद दोबारा टेस्ट करें या डॉक्टर को दिखाएं।

क्या वजन बढ़ने से पीरियड लेट होते हैं?

हाँ, वजन में बदलाव हार्मोन को प्रभावित करता है।

पीरियड में ज्यादा दर्द क्यों होता है?

हार्मोनल बदलाव या संक्रमण के कारण दर्द बढ़ सकता है।

घरेलू उपाय कब काम करते हैं?

हल्की देरी में, जब कोई गंभीर कारण हो।

डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी है?

जब पीरियड बार-बार लेट हों या 15 दिन से ज्यादा रुक जाएँ।

Vinita Pandey
Dr. Vinita Pandey
Senior Consultant - OBSTETRICS AND GYNAECOLOGY
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